गुरुग्राम। सरकारी जमीन से कब्जे हटाने की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सेक्टर-24 और 25 के नाथूपुर में 3 एकड़ जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया। इस दौरान जमकर विरोध प्रदर्शन और हंगामा हुआ लेकिन भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति पर नियंत्रण पाया गया। अभियान के दौरान नाथूपुर में 1500 अवैध रूप से बनी कच्ची दुकानें और झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण की 4 एकड़ जमीन पर अभी अवैध कब्जा बना हुआ है। अभियान 24 और 25 नवंबर को भी चलेगा। करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध कब्जे हटाने के लिए प्राधिकरण लंबे समय से प्रयास कर रहा था।
2012 में प्राधिकरण सरकारी दस्तावेजों में जमीन को अपने कब्जे में ले चुका था। लेकिन जमीन स्तर पर तस्वीर अलग थी। मंगलवार को प्राधिकरण के एस्टेट अधिकारी जितेंद्र कुमार के आदेश पर सुबह करीब 11 बजे एसडीई सर्वे सत्यनारायण के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ दस्ता मौके पर पहुंच गया। इस मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में नायब तहसीलदार नेहा यादव भी मौजूद थीं। अवर अभियंता संदीप लोट ने बताया कि अभियान चलाने से पहले अवैध कब्जों को हटाने के लिए मुनादी की गई और एक घंटे का समय दिया गया था। इसके बाद कुछ लोग अभियान के विरोध में उतर आए। वह हंगामा और प्रदर्शन करने लगे। हालात को देखते हुए थाना डीएलएफ को सूचना दी गई, जिसके बाद अतिरिक्त एसएचओ देवेंद्र सिंह के साथ करीब 200 पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को खदेड़ दिया।
स्थिति नियंत्रण में आने के बाद चार जेसीबी के साथ कब्जा ध्वस्तीकरण की शुरुआत की गई। इसके बाद शाम चार बजे तक करीब तीन एकड़ जमीन को कब्जा मुक्त करवा लिया गया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर फिर से कब्जा किया तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी। अभियान में जीएमडीए के एस्टेट ऑफिसर राजीव लांबा अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। नाथूपुर की बेशकीमती जमीन को कब्जा मुक्त करवाने के बाद जमीन पर प्लानिंग की योजना है। अवर अभियंता ने बताया कि कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से यह कार्य कराया जाएगा। गोल्फ कोर्स रोड स्थित यह जमीन बेशकीमती है। इस जमीन का अधिग्रहण 2009 में प्राधिकरण ने किया था। मुआवजा राशि भी दी गई थी।