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Divya Murder Case: फरारी में बलराज और रवि ने उड़ाए आठ लाख, अभिजीत ने जो कहानी पुलिस को सुनाई वही फिर सामने आई

Mon, 15 Jan 2024 09:15 PM IST
Vikas Kumar मयंक तिवारी, अमर उजाला, गुरुग्राम

सार

Divya Pahuja Murder Case: दिव्या पाहुजा की हत्या के बाद होटल मालिक ने जो कहानी पुलिस को बताया था। ठीक वही कहानी बलराज गिल ने दोहराई है। उसने पैसा व गाड़ी मिलने के बाद दोस्त के कहने पर दिव्या के शव को पंजाब ले जाने की बात कही है।
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रवि बंगा और बलराज गिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मॉडल दिव्या पाहुजा के शव को ठिकाने लगाने के बाद नौ दिन की फरारी में बलराज गिल और रवि बंगा ने आठ लाख रुपये उड़ा दिए। एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के दौरान बलराज गिल के पास लगभग दो लाख रुपये मिले हैं। सीआईए सेक्टर 17 की सेल में पुलिस रिमांड के दौरान सोमवार को दोनों का आमना-सामना हुआ। दोनों ने नजरे झुका रखी थीं।

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सीआईए की पुलिस टीम ने अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों से अलग-अलग बातचीत की। इसके बाद दोनों से क्रॉस सवाल जवाब हुए। जिनके जवाब से पुलिस टीम संतुष्ट नजर आई। दिव्या पाहुजा की हत्या के बाद होटल मालिक ने जो कहानी पुलिस को बताया था। ठीक वही कहानी बलराज गिल ने दोहराई है। उसने पैसा व गाड़ी मिलने के बाद दोस्त के कहने पर दिव्या के शव को पंजाब ले जाने की बात कही है। बलराज ने बताया कि उसने अपने एक अन्य साथी रवि बंगा के साथ मिलकर दिव्या के शव को ठिकाने लगाया।

छानबीन के दौरान पता चला है कि उनके पास 10 लाख रुपये थे। इसमें से दोंनों नौ दिन के भीतर आठ लाख रुपये खर्च कर चुके थे। करीब दो लाख रुपये के आस-पास एयरपोर्ट से उसके पास बरामद हुआ है। इसके साथ ही जब वह हावड़ा रेलवे स्टेशन पर रवि बंगा का साथ छोड़ रहा था तो उसने बचे हुए लगभग दो लाख रुपये रवि बंगा को दिए थे।

हत्या में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों पर गाज की धार हुई कम
मॉडल दिव्या पाहुजा का शव मिल जाने और बलराज गिल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मान रही है कि उसकी जांच पूरी हो गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दिव्या की हत्या के बाद उसकी बहन नैना ने पुलिस की लापरवाही का सवाल उठाया था। अब जांच पूरी होने के बाद उन पर कार्रवाई की धार कम हो गई है। अब शिकायतकर्ता की ओर से भी कोई आवाज नहीं आ रही है। इसलिए पुलिस इसकी जांच के बारे में कुछ नहीं बोल रही है।
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बता दें कि दिव्या पाहुजा की बहन नैना पाहुजा ने कमिश्नरेट की पुलिस पर आरोप लगाया था कि वह न्यू कालोनी थाने गई तो वहां से मामला सेक्टर 14 थाने की बात कह कर उसे टरका दिया गया। जब वह सेक्टर 14 थाने पहुंची तो वहां पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी ने दूसरे दिन आने की बात कही थी। पुलिस टीम पहली बार ही अपना काम ठीक से किया होता तो पुलिस को दिव्या के शव को तलाशने में इतना परेशान न होना पड़ता।
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