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आखिर बेघर हुए बंजारा, एचएसवीपी ने तोड़ी अवैध मार्केट

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बंजारा मार्केट को हटाए जाने के बाद भी वहीं खुले में बैठे है बंजारा लोग। - फोटो : Gurgaon
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गुरुग्राम। सेक्टर-53 में बनी बंजारा मार्केट को आखिरकार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की टीम ने हटा दिया। कार्रवाई के बाद एक हजार से ज्यादा बंजारा परिवार बेघर हो गए हैं। मंगलवार को सुबह ही यहां विभाग की इन्फोर्समेंट टीम दो सौ से ज्यादा पुलिस बल के साथ पहुंच गई थी। आधा दर्जन जेसीबी मशीन से देर शाम तक तोड़फोड़ कर यहां करीब साढ़े तीन सौ से अधिक दुकानों में से 90 प्रतिशत दुकानों को तोड़ दिया गया।
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बची हुई दस प्रतिशत दुकानों को बुधवार सुबह तोड़ा जाएगा। एचएसवीपी की सेक्टर-53 में 25 एकड़ से ज्यादा जमीन पर 12 साल पहले बनी अवैध बंजारा मार्केट का अब नामोनिशां मिट चुका है। सोमवार को विभाग की टीम ने यहां आकर दुकानदारों से सामान हटाने के लिए कहा था। सोमवार को ही मार्केट को हटाने की रणनीति थी, लेकिन पुलिसबल न मिलने की वजह यहां कार्रवाई नहीं हो सकी। मंगलवार सुबह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर टीम आई। दुकानदारों ने तब तक भी अपना सामान नहीं हटाया था। टीम के निर्देश पर आधा दर्जन जेसीबी मशीन ने एक-एक करके सभी दुकानों को हटाना शुरू किया।
दुकानदारों को दिया महज एक घंटा
तेजी से होती तोड़फोड़ की कार्रवाई को देख दुकानदारों ने फिर अपने कीमती सामान को हटाने के लिए वक्त मांगा। लेकिन इस बार टीम ने मात्र एक घंटे का ही समय दिया। एक घंटे बाद फिर कार्रवाई शुरू हुई और देर शाम तक बंजारा मार्केट की 90 प्रतिशत दुुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। कई दुकानों में हजारों का सामान भी टूट गया। मौके पर कई दुकानदार रोते हुए व टीम के सामने हाथ जोड़ते नजर आए। टीम का कहना था कि शेष बची 10 प्रतिशत दुकानों को भी बुधवार सुबह तोड़फोड़ कर हटा दिया जाएगा।
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दुकानदारों का छलका दर्द
बंजारा मार्केट को हटाए जाने की कार्रवाई के बीच यहां के राजस्थान मूल के निवासी दुकानदारों का दर्द छलकता नजर आया। दुकानदारों का कहना था कि वह जगह-जगह पर बसेरा करने वाले लोग हैं, यहां 12 साल से रह रहे हैं, कभी चोरी नहीं की। किसी से झगड़ा नहीं किया। मार्केट की प्रधान सुशीला ने बताया कि हमने ऐसो कौन सा गुनाह कर दिया जो हमें यहां से भगाया जा रहा है। अब हम परिवार सहित कहां जाएंगे। बच्चाें के भविष्य का क्या होगा। नाम न बताने की शर्त पर एक दुकानदार ने बताया कि हमसे 12 साल तक भूमाफिया बिजली बिल के नाम पर 1500 से 2000 रुपये की मासिक वसूली करते रहे। क्या इसका हिस्सा अधिकारियों को नहीं जाता होगा। सरकार की नजर में भले ही वो यहां फ्री में रह रहे हों, लेकिन यहां रहने के लिए उन्होंने भू-माफिया का उत्पीड़न सहा है।
कार्रवाई के बीच भी बिका सामान, सस्ते में खरीदा
जब मार्केट को हटाया जा रहा था तो यह बात चारों ओर फैल गई। इस बीच यहां आने वाले ग्राहकों की संख्या भी बढ़ गई है। एक तरफ कार्रवाई चलती रही तो दूसरी ओर ग्राहक मार्केट के टूटने का डर दिखाकर सामान को सस्ते में खरीद रहे। दुकानदार भी यह सोचकर सस्ते में सामान देते रहे कि जो सामान बिक जाए ठीक, वरना पता नहीं वह सामान बचेगा भी या टूट जाएगा। मार्केट प्रधान सुशीला ने बताया कि दीपावली नजदीक है, इसे लेकर दुकानदारों को अच्छी बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा होगा किसी ने सोचा नहीं था।
सेक्टर-53 में अवैध रूप से बंजारा मार्केट बनाकर विभाग की 25 एकड़ से ज्यादा जमीन पर 12 साल से कब्जा था। अब इसे कब्जा मुक्त कराया गया है। शहरभर में विभाग की सभी जमीनों से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
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- सत्यनारायण, एसडीओ सर्वे, सर्कल-2, एचएसवीपी
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