गुरुग्राम। कोरोना से पीड़ित भर्ती मरीजों से तय रेट से ज्यादा राशि वसूलने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ दो से तीन दिन में कार्रवाई तय होगी। चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) ने नगराधीश सिद्धार्थ दहिया (सीटीएम) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। नगराधीश सीए की रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं। अध्ययन के बाद रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप कर कार्रवाई की अनुशंसा कर दी जाएगी।
नगराधीश ने बताया कि अभी रिपोर्ट को पढ़ा नहीं है, लेकिन निश्चित ही अस्पतालों की ओर से भारी लापरवाही की गई है। नियमों के खिलाफ जाकर वसूली हुई। कुल 55 से अधिक शिकायतें अस्पतालों के खिलाफ मिली हैं। इनमें एक अस्पताल के खिलाफ कई-कई शिकायतें हैं। सीए से अस्पतालों की अकाउंट डिटेल चेक कराई गई है।
दूसरी लहर के दौरान सरकार ने कोविड जांच लेकर इलाज तक के लिए अस्पतालों के लिए वसूली के दिशा-निर्देश तय किए थे। इन निर्देशों में इलाज के नाम पर मरीजों से वसूली जाने वाली राशि भी तय की गई थी। लेकिन यहां के अस्पतालों ने सरकार के निर्देशों और नियमों की धज्जियां उड़ाते मनमाने तरीके से मरीजों से लाखों रुपये वसूल किए। इसकी शिकायत मरीजों ने उपायुक्त को की तो उपायुक्त ने पूरे मामले की जांच के लिए सीटीएम सिद्धार्थ दहिया की अध्यक्ष्ता में एक जांच कमेटी बनाई।
जांच के घेरे में कई नामी अस्पताल
सीटीएम सिद्धार्थ दहिया ने बताया कि दूसरी लहर के दौरान कोविड-19 मरीजों से सरकार की ओर से राशि तय करने के बाद भी कई अस्पतालों ने मनमाने तरीके से वसूली की है। तय राशि से कई-कई गुना अधिक वसूली हुई है। दो से तीन दिन में अस्पतालों के नामों का खुलासा भी हो कर दिया जाएगा।