गुरुग्राम। शहर में सार्वजनिक जगहों पर खुले में होने वाली जुमे की नमाज के विरोध को लेकर सोमवार को गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल ने जिला उपायुक्त ( डीसी) डॉ. यश गर्ग से मुलाकात की। विगत जुमे की नमाज से पहले सेक्टर-12 के स्थल पर हिंदू संगठनों व स्थानीय लोगों द्वारा की गई गोवर्धन पूजा के मामले में समुदाय की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने की बात कहते हुए कार्रवाई करने की मांग की। वहीं शहर में मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या को देखते हुए नमाज स्थलों में बढ़ोतरी करने के लिए कहा। मामले में सीएम मनोहर लाल से समुदाय के लोगों को मिलवाने की मांग की।
सोमवार दोपहर डीसी कार्यालय में मुस्लिम समुदाय के 50 से अधिक लोग पहुंचे। इनमें से गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल के मुखिया पूर्व राज्यसभा सदस्य मोहम्मद अदीब, सदस्य अल्ताफ अहमद , मुफ्ती सलीम बनारसी, आमिर आबिदी, मौलाना साबिर कासमी ने डीसी से मुलाकात कर बैठक की। बैठक में ही ज्ञापन देते हुए काउंसिल के सदस्यों ने डीसी से जुमे की नमाज को लेकर शहर में विरोध न हो, जिन 37 जगहों पर प्रशासन द्वारा नमाज की इजाजत दी गई थी, उसे बरकरार रखा जाए आदि सहित अन्य मांगें रखीं। वहीं शहर में मुस्लिम समुदाय की आबादी को देखते हुए भविष्य में नमाज स्थलों में और बढ़ोतरी करने, विगत जुमे की नमाज से पहले सेक्टर-12 में कपिल मिश्रा, हिंदू संगठनों व अन्य द्वारा गोवर्धन पूजा करने सहित नारे लगाने के मामले में कार्रवाई करने आदि की भी मांग की गई है।
पूर्व राज्यसभा सदस्य ने बताया कि उन्होंने डीसी से कहा कि नमाज की जगह पर भजन कीर्तन के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश की गई, यह लोगों को खुले तौर पर दंगा करने के लिए उकसाता है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। डीसी ने उनकी मांग को शासन के समक्ष रखने का आश्वासन दिया है।
यह रही अन्य मांगें
काउंसिल की यह भी मांग रही कि प्रशासन द्वारा जिन स्थलों पर जुमे की नमाज की अनुमति दी गई है वहां नमाज के वक्त कड़ी सुरक्षा प्रदान की जाए। वहीं पर्याप्त प्रार्थना सुविधाओं के लिए मस्जिद, ईदगाह और प्रार्थना हॉल आदि प्रदान करने पर विचार किया जाए। मामले पर समुदाय का नुमाइंदा गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल को ही माना जाए। काउंसिल में महबूब चंदेनी, नवाबदीन, ऐडवोकेट हैदर रुपडिया, नाजिम इमरान कुरैशी आदि भी शामिल रहे।
सेक्टर-47, 12 आदि पर करेंगे चर्चा
काउंसिल के सदस्य अल्ताफ अहमद ने बताया कि सेक्टर-47, 12 में जुमे की नमाज पर लगातार हो रहे विरोध को देखते हुए आगामी जुमे को इन स्थानों पर नमाज पढ़ी जाए या नहीं, इसे लेकर काउंसिल के सदस्य चर्चा करेंगे। वहीं प्रशासन द्वारा पहले से अनुमति प्रदान जिन आठ स्थानों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाई है, उस पर अभी कोई राहत नहीं मिली है। प्रशासन व काउंसिल का ध्यान इस वक्त इस मामले को सुलझाने का है। इसके लिए काउंसिल व समुदाय के लोग विवाद की स्थिति में पीछे हटने के लिए भी तैयार हैं।
जब सहमति बन चुकी तो विवाद क्यों : खुर्शीद राजाका
गुरुग्राम। जुमे की नमाज के विरोध मेें मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने तीन नवंबर को डीसी के नेतृत्व में मुस्लिम व हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच हुए समझौते का स्वागत किया है, वहीं इसे अंतिम मानते हुए अब विवाद की स्थिति पैदा करने व अतिरिक्त मांग करने की बात को गलत ठहराया है। वहीं मसले को हिंदू-मुस्लिम न करते हुए गुरुग्राम के नागरिकों की हैसियत से समझने का सुझाव दिया है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक खुर्शीद राजाका का कहना है कि प्रशासन व जिम्मेदार लोगों द्वारा हिंदू- मुस्लिम न करते हुए मामले को गुरुग्राम के नागरिकों के रूप में निपटाया जा चुका है। जब तीन नवंबर को जिला प्रशासन, मुस्लिम समुदाय, इमाम व हिंदू संगठनों की बैठक में जिन 20 स्थानों पर नमाज पढ़ने को लेकर सहमति बनी है उसे अंतिम माना जाए। मामले में बाहरी लोग व नेताओं की बयानबाजी शहर का माहौल बिगाड़ रही है। इन लोगों का नमाज या नमाज पढ़ने वालों से कोई लेना-देना नहीं है, यह सिर्फ अपनी राजनीति चमका रहे हैं। ऐसे नेताओं व लोगों की बात पर गुरुग्राम के लोगों को ध्यान नहीं देना चाहिए। खुर्शीद ने यह भी कहा कि मंच ने हमेशा से मुस्लिमों के पक्ष में आवाज उठाई है। जरूरत पड़ने पर फिर आवाज उठाएंगे। संवाद