गुरुग्राम। शहर की नामी कंपनी और संस्थान किंगडम ऑफ ड्रीम्स (केओडी), 32 माइल्स स्टोन, गीतांजलि होम्स प्राइवेट लिमिटेड और एसएल टूल्स कंपनियों में चौथे दिन शनिवार को सुबह 10 बजे तक छापे की कार्रवाई जारी रही। सभी 27 ठिकानों से मिले अभिलेख, जूलरी, 27 मोबाइल फोन तथा अन्य सामान को जब्त कर लिया है जबकि अलमारियां उन्हीं स्थानों पर सील कर दी गईं हैं। शनिवार को खुलासा हुआ है कि इनकी गोवा में 50 और हैदराबाद में 40 एकड़ बेशकीमती जमीन है जिस पर बड़ा प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी है। यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि इस जमीन के कुछ हिस्से पर अब तक कोई निर्माण हुआ है या नहीं। सील की गईं अलमारियों को एक्सपर्ट की मौजूदगी में एक-एक करके खोला जाएगा। इनमें जो भी सामान मिलेगा, उसका मूल्यांकन होगा। इन स्थानों पर मिलीं इंपोर्टेड (विदेशी) शराब आबकारी विभाग के सुपुर्द कर दी गई है। यदि स्टॉक से अधिक शराब मिली तो इस मामले में आबकारी विभाग भी कार्रवाई कर सकता है।
बुधवार से आयकर विभाग के 150 अधिकारियों की टीम ने शनिवार सुबह 10 बजे तक 27 ठिकानों पर छापा मारने की कार्रवाई की जिसे विभाग अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मान रहा है। अब तक की जानकारी के अनुसार गोवा स्थित बीच करीब सात एकड़ में फैला हुआ है। केओडी के नजदीक एक पान विक्रेता का सीधा जुड़ाव इन संस्थानों से मिला है। उसकी भी डिटेल खंगाली जा रही है क्योंकि इन संस्थानों ने पान विक्रेता के नाम सेे भी कई करोड़ रुपये उधार दिखाए हैं। साथ ही 32 माइल्स स्टोन के निकट मारुति के लिए पार्ट्स की सप्लाई करने वाली अल्फा ऑटो स्पेयर कंपनी भी जांच के घेरे में आ गई है। इस कंपनी का भी इन संस्थानों से कनेक्शन मिला है। इसके अलावा छापे के दौरान एक संस्थान में बेल्जियम का एक नागरिक भी मिला था जो कि इन्हीं के परिवार का सदस्य बताया गया है। उससे भी छापे के दौरान जानकारी जुटाई गई।
इससे पहले आयकर की टीमों ने शुक्रवार की सुबह तक 12 ठिकानों पर जांच पूरी कर ली थी जबकि 32 माइल्स स्टोन, किंगडम ऑफ ड्रीम्स, गीतांजलि होम्स प्राइवेट लिमिटेड के आफिस मैग्नोलियाज तथा उनके 15 ठिकानों पर छापे की कार्रवाई होती रही जो कि शनिवार को सुबह दस बजे पूरी हुई। शनिवार को भी एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक स्थित लॉकरों में जमा रकम तथा उसमें रखी जूलरी का मूल्यांकन किया गया लेकिन यह जानकारी नहीं हो सकी है कि कितने लॉकरों की पड़ताल पूरी हुई और उनमें से कितनी राशि तथा जूलरी मिली है।
150 से अधिक लोगों को नोटिस जारी करने की तैयारी
गुरुग्राम। आयकर विभाग के किंगडम ऑफ ड्रीम्स, 32 माइल्स स्टोन तथा अन्य संस्थानों तथा कंपनियों में छापे के दौरान मिले दस्तावेज, जूलरी तथा अन्य सामान की जांच के लिए विशेष टीम बना दी गई है, जो कि करीब 15 दिन में यह पता करेगी कि कितने करोड़ रुपये की आयकर चोरी की गई है। फिलहाल मोटे तौर पर यह चोरी 700 से 800 करोड़ रुपये की आंकी गई है। इसी दौरान विशेष जांच टीम ने इन कंपनियों के 150 मालिकों और संचालकों को चिन्हांकित कर लिया है, जिनमें इन कंपनियों के पदाधिकारी, परिजन, रिश्तेदार भी शामिल हैं। इन सभी को एक -एक करके पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञों की टीम उनसे आमदनी के स्रोत तथा साक्ष्य लिए जाएंगे। वह आय के बारे में जो भी जानकारी नहीं दे पाएंगे उसे आयकर चोरी में शामिल कर लिया जाएगा। पहले चरण में किंगडम ऑफ ड्रीम्स, गीतांजलि होम्स प्राइवेट लिमिटेड, एमजी एक्टर, ग्लेक्सी होटल, एसएल टूल्स, अल्फा ऑटो पार्ट्स सहित आठ कंपनी के चेयरमैन, सीईओ, निदेशक तथा इनके परिजनों को आय के स्रोत की जानकारी देने के लिए नोटिस जारी किए जाने हैं। इसके लिए आयकर विभाग की ओर से प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनकी छह साल तक के खाते और उनकी आय और इस अवधि में दाखिल किए गए रिटर्न का भी परीक्षण होगा। यह भी संकेत मिले हैं कि इनमें कुछ शेयर होल्डर विदेशी भी हैं, जिन्होंने दूसरे देशों में कारोबार के लिए रकम लगाई गई हो या फिर वहां से ली गई है। उनकी 12 साल तक की आय का विवरण लिया जाएगा। दूसरे चरण में उन लोगों को शामिल किया जाना है जो कि सीधे तौर पर इन संस्थानों से जुड़े नहीं हैं लेकिन उनका लेनदेन या फिर बेशकीमती सामान गिफ्ट किए जाने का जिक्र किया है।
छह साल पुराने खाते और रिटर्न खंगाल रहा विभाग
जिन कंपनियों और संस्थानों में कार्रवाई की गई है, उनके चेयरमैन, सीईओ, निदेशकों तथा उनके परिजनों के छह साल पुराने रिटर्न आयकर विभाग से निकाले जा रहे हैं। उनके पैन कार्ड तथा आधार कार्ड के आधार पर खाते के साथ-साथ बड़े स्तर पर की गईं खरीद फरोख्त की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
अचल संपत्ति का तहसीलों से होगा मूल्यांकन
छापे के दौरान इनकी अचल संपत्ति में खाली जमीन तथा बिल्डिंगों का मूल्यांकन कराने की भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। संबंधित जिलों और तहसीलों से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि जो संपत्ति सर्किल रेट के हिसाब से खरीदी गईं हैं उनकी मार्केट वैल्यू क्या है। आयकर विभाग की टीम मार्केट वैल्यू के आधार पर भी उस जमीन का मूल्यांकन करने की तैयारी में है। इसके लिए आसपास की प्रॉपर्टी की बिक्री का रेट भी पता किया जा रहा है।