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खराब रही शहर की हवा, दिनभर छाया स्मॉग

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गुरुग्राम। प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों को भले ही आपात बैठक व लॉकडाउन लगाने का निर्देश दे दिया हो लेकिन धरातल पर शनिवार को भी हालात जस के तस रहे। स्थिति यह है कि शनिवार को भी वातावरण में दिनभर स्मॉग छाया रहा और समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 441 सस्पेंडेड पर्टिकुलर मैटर (एसपीएम) दर्ज किया गया। इस स्थिति में सुबह के समय तो राहगीरों को आंखों में जलन का सामना करना पड़ा।
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हालांकि, अन्य दिनों के मुकाबले शनिवार को दिन में अच्छी धूप रही। बावजूद इसके रात के समय तापमान में गिरावट व ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन न होने के चलते स्थिति लगातार खराब बनी हुई है। एक दिन पहले शहर का एक्यूआई 448 था, जिसमें शनिवार को सिर्फ 7 अंकों की ही गिरावट हुई। यह स्थिति तब है जब ठंड का अभी व्यापक असर नहीं है। आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट होने पर प्रदूषण का स्तर और भी बढ़ेगा। इन सबके बावजूद हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के अधिकारी जमीन पर ग्रेप के बेहतर क्रियान्वयन का दावा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ग्रेप के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते ही दिल्ली, गाजियाबाद समेत अन्य शहरों के मुकाबले गुरुग्राम में प्रदूषण कम है।
ओपीडी में दोगुने हुए मरीज
प्रदूषण में बढ़ोतरी के चलते वातावरण में पीएम-2.5 सरीखे हानिकारक कणों की मात्रा पहले के मुकाबले सामान्य से कई गुना बढ़ गई है। इसके चलते बुजुर्गों तथा सांस व दमा रोगियों की समस्या काफी बढ़ गई है। सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल की चेस्ट ऐंड रेस्पिरेटरी ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुनी हो गई है। डॉक्टर मरीजों को स्थिति सामान्य होने तक मॉर्निंग वॉक से परहेज की सलाह दे रहे हैं। शनिवार को भी विकास सदन में पीएम-2.5 की औसत मात्रा 445 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।
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डेढ़ माह पहले लागू हो चुका है ग्रेप
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मौसम में बदलाव व तापमान में गिरावट प्रदूषण में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह हैं। डेढ़ माह पहले ही पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (ईपीसीए) की तरफ से ग्रेप लागू करने का आदेश दिया जा चुका है लेकिन जमीन पर इसके क्रियान्वयन को लेकर कोई खास काम नहीं हो रहा है। दिवाली के बाद न सिर्फ तापमान में दिनोंदिन गिरावट हो रही है बल्कि वातावरण में भी स्मॉग का असर बढ़ा है। ऐसे में प्रदूषण की समस्या और भी गंभीर हो रही है।
सड़कों पर नहीं हो रहा पानी का छिड़काव
एक तरफ जहां शहर की हवा प्रदूषित बनी हुई है वहीं ग्रेप के क्रियान्वयन का आलम यह है कि अब भी शहर की जर्जर सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। सोहना रोड, सेक्टर-10, महावीर चौक, फर्रूखनगर रोड, बसई रोड, सेक्टर-9, 9ए रोड समेत मिलेनियम सिटी की अन्य कई सड़कें खस्ताहाल हैं। इन पर पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है। एचएसपीसीबी पानी के छिड़काव व ग्रेप के शत प्रतिशत अनुपालन का दावा कर रहा है।
शुरुआत से ही हम ग्रेप का पालन करा रहे हैं। 1 अक्तूबर से ही ईपीसीए के निर्देशों के तहत हमने पानी के छिड़काव की शुरुआत करा दी थी। यही वजह है कि कई अन्य शहरों के मुकाबले गुरुग्राम में प्रदूषण कम है। प्रदूषण में बढ़ोतरी के लिए तापमान में गिरावट प्रमुख वजह है। प्रदूषण कम करने व ग्रेप का पालन कराने के लिए हम नगर निगम आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों के संपर्क में हैं।
- कुलदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी गुरुग्राम, एचएसपीसीबी
प्रदूषण में बढ़ोतरी के चलते चेस्ट ओपीडी में मरीजों की संख्या पहले के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गई है। मरीजों को मास्क के अनिवार्य प्रयोग व मॉर्निंग वॉक से परहेज का सुझाव दिया जा रहा है। पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।
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- डॉ. वरुण, फिजीशियन, सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल
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