गुरुग्राम। ग्रामीण अंचल के लोगों के सुझावों और शिकायतों को सीधे सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम दर्शन पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस पोर्टल से जिले की 166 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जा चुका है।
जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने बताया जिले के गांवों में रह रहे लोगों को अगर विकास कार्यों से जुड़ी कोई शिकायत है या फिर कोई सुझाव देना है तो उन्हें अब सरकारी कार्यालयों में चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। अब वे यह काम घर बैठे ही अपने लैपटॉप या मोबाइल के माध्यम से कर सकते हैं। डॉ. गर्ग ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीणों की विकास कार्यों में सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इस पोर्टल के माध्यम से ग्रामीणों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं का खाका तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिकायतों की डबलिंग न हो इसके लिए पोर्टल को सीएम विंडो के साथ लिंक किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी स्थाई निवासी पोर्टल पर अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज कर सकता है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति के पास परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
ऐसे काम करेगा पोर्टल :
पोर्टल पर एंट्री के बाद मुख्य पेज खुलेगा जिस पर व्यक्ति को अपने जिले का चुनाव करने के बाद अपने खंड व गांव का चुनाव करना होगा। इसके बाद परिवार पहचान पत्र संख्या दर्ज करनी होगी। पहचान दर्ज करने के बाद पोर्टल पर संबंधित फैमिली आईडी के सभी नाम दिखाई देंगे जिसमें से व्यक्ति को अपने नाम पर क्लिक करना होगा। इसके बाद फैमिली आईडी पर जो मोबाइल नंबर पंजीकृत है उस पर ओटीपी प्राप्त होगा। ओटीपी संख्या दर्ज करने के उपरांत पोर्टल पर विकास कार्य हेतु मांग, सरकारी योजना हेतु मांग और शिकायत दर्ज करने हेतु ये तीन लिंक दर्शाए गए हैं। शिकायतकर्ता या सुझावकर्ता को इन तीन विकल्पों में से एक का चुनाव करना है।
कम से कम 50 शब्दों में होगी शिकायत :
पोर्टल पर आवेदक न्यूनतम 50 अक्षरों में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल पर सुझाव या शिकायत दर्ज करते ही एक आईडी जनरेट होगी जो आवेदक को एसएमएस के माध्यम से मिलेगी। इसके साथ ही आवेदक को समय-समय पर कार्रवाई की अपडेट एसएमएस के जरिए मिलती रहेगी। जिला उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा दिया गया सुझाव और मांग सीधे सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, विधायक और सांसद को दिखाई देंगे। सभी जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकार क्षेत्र के ही सुझाव डैशबोर्ड पर दिखाई देंगे, जिन्हें संबंधित जनप्रतिनिधि संस्तुति के साथ आगे बढ़ा सकेंगे।