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ग्राउंड रिपोर्ट: लॉकडाउन के बीच स्वच्छ हवा में सांस लेते शहर और चिड़ियों की चहचहाहट

Tue, 14 Apr 2020 01:37 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • गंगा और हवा के लिए संजीवनी साबित हुआ लॉकडाउन, प्रदूषण हुआ कम
  • कोयल और बुलबुल की सुरीली चहचहाहट बढ़ना भी अचरज भरा
  • आगरा: लॉकडाउन से पांच साल में सबसे शुद्ध हुई ताजनगरी की हवा
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गंगा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूरा देश इस समय लॉकडाउन है और ज्यादातर वाहनों से निकलने वाला धुंआ और कारखानों की चिमनियों से राक्षस रूपी काली आकृतियां अभी आसमान में दिखाई नहीं दे रही हैं। घर की खिड़की पर खड़े होकर आप अनायास ही एक सांस जोर से खींच लेते हैं। जहां हमेशा ये सुनने में आता था कि गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों की सफाई के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है, वहीं अब उनकी स्वच्छता और निर्मलता अचानक ही आपको सोचने पर मजबूर कर देती है।

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आलम यह है कि जो लोग लॉकडाउन के समय अपनों को खो रहे हैं वो अब गंगा में अस्थियां विसर्जित करने की नहीं सोच रहे। उन्हें दिल्ली की यमुना ही इतनी पवित्र लग रही है कि वो उसी में अस्थियों का विसर्जन कर रहे हैं। लॉकडाउन के बाद शहरों की आबोहवा किस प्रकार बदली इस पेश है अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट...

लॉकडाउन से दिल्ली-NCR की हवा हुई साफ, प्रदूषण भी हुआ कम
लॉकडाउन की वजह से दिल्ली-एनसीआर का मौसम हुआ सुहाना, वायु प्रदूषण में आई भारी कमी कोरोना कहर की रोकधाम के लिए पूरे देश में लागू किए गए लॉकडाउन से बेशक लोगों को घर में कैद होना पड़ा है लेकिन इसका असर वातावरण पर सकारात्मक पड़ा है। पिछले दिनों दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश की वजह से वायु प्रदूषण में भारी कमी दर्ज की गई है। दिल्ली-एनसीआर में बादल नीला और पूरी तरह से साफ दिखाई दे रहा है। और पढ़े...
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दिल्ली: लोग यमुना में कर रहे अस्थियों का विसर्जन
हिन्दू मान्यता के अनुसार लोग अपनों की अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार व गढ़ गंगा का रुख करते हैं। वहीं इन दिनों लॉकडाउन के कारण अब लोगों को अस्थि विर्सजन के लिए यमुना का सहारा लेना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में यमुना का पानी साफ हुआ है और ऐसे में अब लोग पवित्रता का ध्यान रखते हुए भी यमुना में हीं अस्थियों का विसर्जन कर देते हैं। और पढ़े...

दिल्लीः साफ हुई यमुना, तस्वीरें दे रहीं स्वच्छता की गवाही
पूरे देश में लॉकडाउन के कारण सब कुछ ठहर गया हो लेकिन प्रकृति को यह समय काफी रास आ रहा है। 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा के बाद दिल्ली में चलने वाले कारखाने और फैक्ट्रियां पूरी तरह से बंद पड़े हैं जिसके कारण यमुना का पानी भी काफी हद तक साफ हो गया है। सोशल मीडिया में भी यमुना की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। और पढ़े...

गौरैया - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी: गंगा और हवा के लिए संजीवनी साबित हुआ लॉकडाउन, प्रदूषण हुआ कम
लॉकडाउन के बीच काशी के पर्यावरण के लिए राहत भरी खबर है। शहर में पूरी तरह से बंदी होने के कारण हवा में घुला जहर अब गायब हो चुका है। प्रदूषक तत्वों की कमी होने से एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 के नीचे चला गया है जो सामान्य है। कोरोना संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए जारी लॉकडाउन के कारण शहर की सड़कें सुनसान हो गई हैं, कल-कारखाने भी बंद हैं। इसका सीधा असर प्रदूषण के स्तर पर पड़ा है। शहर की हवा में घुला हुआ जहर पूरी तरह से गायब हो चुका है। और पढ़े...

आगरा: लॉकडाउन से पांच साल में सबसे शुद्ध हुई ताजनगरी की हवा, स्वच्छ वातावरण में सांस ले रहे लोग
बार-बार बारिश और अब कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन ने आगरा की हवा की गुणवत्ता पिछले पांच साल में सबसे अच्छी कर दी है। पूरे मार्च महीने में ताजनगरी के लोग सबसे स्वच्छ हवा में सांस ले रहे हैं। फैक्टरी, वाहन बंद होने और वायु प्रदूषण के अन्य कारणों के बंद होने के कारण वायु गुणवत्ता मानक से बेहतर हो गई है। और पढ़े...

बरेली : दस गुना कम हुआ प्रदूषण का स्तर, विशेषज्ञों के मुताबिक चिड़ियों को मिली संजीवनी
जी हां, इसे प्रकृति का हस्तक्षेप ही मानिए। मानव समाज ने अपनी जिन लिप्साओं और महत्वाकांक्षाओं को विकास का नाम देकर पर्यावरण का सत्यानाश किया और तमाम पशु-पक्षियों को अपने ठिकाने छोड़कर कहीं और बसेरा ढूंढने के लिए विवश कर दिया, कोरोना के बहाने यह सारी मनमानी थम गई है। पर्यावरण में तब्दीली आई तो इंसानों के समीप अपने ठिकाने ढूंढने वाली गौरैया कई सालों बाद फिर गांव और शहर की बस्तियों में चली आई है। वन विभाग के विशेषज्ञों ने हाल ही में इस नन्हीं चिड़िया की आमद को रिकॉर्ड किया है। कोयल और बुलबुल की सुरीली चहचहाहट बढ़ना भी उनके लिए अचरज भरा है। और पढ़े...

गंगा नदी
देहरादून: लॉकडाउन के चलते शुद्ध हुई राजधानी की आबोहवा, एयर क्वालिटी इंडेक्स में अप्रत्याशित कमी
कोरोना वायरस के खौफ के बीच सुकून देने वाले भी खबरें आ रही हैं। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से लागू किए गए लॉकडाउन के चलते राजधानी की आबोहवा बेहद शुद्ध हो गई है। गाड़ियों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगाए जाने से जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स का आंकड़ा 54 के आसपास पहुंच गया है, वहीं पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा में भी अप्रत्याशित कमी हुई है। और पढ़े...

हरिद्वार: प्रकृति कर रही अपनी मरम्मत, गंगा का पानी हुआ इतना साफ कि लोग हैरान
कोरोना वायरस के कहर से बचने के लिए भारत में लागू देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्रकृति अपनी मरम्मत करती नजर आ रही है। इन दिनों हरिद्वार में गंगा नदी का पानी एकदम साफ हो गया है। इतना साफ की नदी के नीचे जमीन की सतह साफ नजर आ रही है। और पढ़े...

जम्मू कश्मीर: बड़ी खूबसूरत और बेनजीर ये तस्वीर है, लॉकडाउन में घटा प्रदूषण फिर दिखने लगे मनोरम नजारे
लॉकडाउन में वायु प्रदूषण काफी घट गया है। इससे बादलों में छिपी पहाड़ियां दूर से ही दिखने लगी हैं। देशव्यापी लॉकडाउन के बीच जम्मू-कश्मीर में प्रदूषण का स्तर पचास फीसदी से भी अधिक गिर गया है। वाहनों की आवाजाही कम होने के साथ औद्योगिक इकाइयां बंद रहने से आसमान जहां इन दिनों साफ है वहीं विजिबिलिटी भी कई गुना बढ़ गई है। और पढ़े...
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जालंधर से नजर आतीं धौलाधार की चोटियां - फोटो : पीटीआई
पंजाब: कर्फ्यू से वाहनों पर लगी ब्रेक, 70 फीसदी शुद्ध हुई 'सिटी ब्यूटीफुल' की आबोहवा
लॉकडाउन और कर्फ्यू का शहर के जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वहीं, शहर के लाखों वाहनों की चाल पर ब्रेक लगने से आबोहवा पहले से कहीं बेहतर हुई है। वाहनों के नहीं चलने से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में 70 प्रतिशत से भी ज्यादा सुधार हुआ है। और पढ़े...

जलंधर: लॉकडाउन की वजह से साफ हुई अबोहवा, 30 साल बाद जिले से दिखीं पर्वत चोटियां
देश में लॉकडाउन और पंजाब में कर्फ्यू की वजह से भले ही लोग अपने घरों में दुबके हों लेकिन इसका असर प्रकृति पर सकारात्मक पड़ता दिख रहा है। एक ओर प्रदूषण का स्तर सबसे कम है तो वहीं आसमान भी साफ दिखाई दे रहा है। पंजाब के जालंधर में भी एक खूबसूरत नजारा देखने को मिला। और पढ़े...
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