वाराणसी: गंगा और हवा के लिए संजीवनी साबित हुआ लॉकडाउन, प्रदूषण हुआ कम
लॉकडाउन के बीच काशी के पर्यावरण के लिए राहत भरी खबर है। शहर में पूरी तरह से बंदी होने के कारण हवा में घुला जहर अब गायब हो चुका है। प्रदूषक तत्वों की कमी होने से एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 के नीचे चला गया है जो सामान्य है। कोरोना संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए जारी लॉकडाउन के कारण शहर की सड़कें सुनसान हो गई हैं, कल-कारखाने भी बंद हैं। इसका सीधा असर प्रदूषण के स्तर पर पड़ा है। शहर की हवा में घुला हुआ जहर पूरी तरह से गायब हो चुका है।
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आगरा: लॉकडाउन से पांच साल में सबसे शुद्ध हुई ताजनगरी की हवा, स्वच्छ वातावरण में सांस ले रहे लोग
बार-बार बारिश और अब कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन ने आगरा की हवा की गुणवत्ता पिछले पांच साल में सबसे अच्छी कर दी है। पूरे मार्च महीने में ताजनगरी के लोग सबसे स्वच्छ हवा में सांस ले रहे हैं। फैक्टरी, वाहन बंद होने और वायु प्रदूषण के अन्य कारणों के बंद होने के कारण वायु गुणवत्ता मानक से बेहतर हो गई है।
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बरेली : दस गुना कम हुआ प्रदूषण का स्तर, विशेषज्ञों के मुताबिक चिड़ियों को मिली संजीवनी
जी हां, इसे प्रकृति का हस्तक्षेप ही मानिए। मानव समाज ने अपनी जिन लिप्साओं और महत्वाकांक्षाओं को विकास का नाम देकर पर्यावरण का सत्यानाश किया और तमाम पशु-पक्षियों को अपने ठिकाने छोड़कर कहीं और बसेरा ढूंढने के लिए विवश कर दिया, कोरोना के बहाने यह सारी मनमानी थम गई है। पर्यावरण में तब्दीली आई तो इंसानों के समीप अपने ठिकाने ढूंढने वाली गौरैया कई सालों बाद फिर गांव और शहर की बस्तियों में चली आई है। वन विभाग के विशेषज्ञों ने हाल ही में इस नन्हीं चिड़िया की आमद को रिकॉर्ड किया है। कोयल और बुलबुल की सुरीली चहचहाहट बढ़ना भी उनके लिए अचरज भरा है।
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देहरादून: लॉकडाउन के चलते शुद्ध हुई राजधानी की आबोहवा, एयर क्वालिटी इंडेक्स में अप्रत्याशित कमी
कोरोना वायरस के खौफ के बीच सुकून देने वाले भी खबरें आ रही हैं। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से लागू किए गए लॉकडाउन के चलते राजधानी की आबोहवा बेहद शुद्ध हो गई है। गाड़ियों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगाए जाने से जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स का आंकड़ा 54 के आसपास पहुंच गया है, वहीं पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा में भी अप्रत्याशित कमी हुई है।
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हरिद्वार: प्रकृति कर रही अपनी मरम्मत, गंगा का पानी हुआ इतना साफ कि लोग हैरान
कोरोना वायरस के कहर से बचने के लिए भारत में लागू देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्रकृति अपनी मरम्मत करती नजर आ रही है। इन दिनों हरिद्वार में गंगा नदी का पानी एकदम साफ हो गया है। इतना साफ की नदी के नीचे जमीन की सतह साफ नजर आ रही है।
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जम्मू कश्मीर: बड़ी खूबसूरत और बेनजीर ये तस्वीर है, लॉकडाउन में घटा प्रदूषण फिर दिखने लगे मनोरम नजारे
लॉकडाउन में वायु प्रदूषण काफी घट गया है। इससे बादलों में छिपी पहाड़ियां दूर से ही दिखने लगी हैं। देशव्यापी लॉकडाउन के बीच जम्मू-कश्मीर में प्रदूषण का स्तर पचास फीसदी से भी अधिक गिर गया है। वाहनों की आवाजाही कम होने के साथ औद्योगिक इकाइयां बंद रहने से आसमान जहां इन दिनों साफ है वहीं विजिबिलिटी भी कई गुना बढ़ गई है।
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जालंधर से नजर आतीं धौलाधार की चोटियां
- फोटो : पीटीआई
पंजाब: कर्फ्यू से वाहनों पर लगी ब्रेक, 70 फीसदी शुद्ध हुई 'सिटी ब्यूटीफुल' की आबोहवा
लॉकडाउन और कर्फ्यू का शहर के जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वहीं, शहर के लाखों वाहनों की चाल पर ब्रेक लगने से आबोहवा पहले से कहीं बेहतर हुई है। वाहनों के नहीं चलने से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में 70 प्रतिशत से भी ज्यादा सुधार हुआ है।
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जलंधर: लॉकडाउन की वजह से साफ हुई अबोहवा, 30 साल बाद जिले से दिखीं पर्वत चोटियां
देश में लॉकडाउन और पंजाब में कर्फ्यू की वजह से भले ही लोग अपने घरों में दुबके हों लेकिन इसका असर प्रकृति पर सकारात्मक पड़ता दिख रहा है। एक ओर प्रदूषण का स्तर सबसे कम है तो वहीं आसमान भी साफ दिखाई दे रहा है। पंजाब के जालंधर में भी एक खूबसूरत नजारा देखने को मिला।
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