गूगल ने हाईकोर्ट के समक्ष तर्क रखा कि उसने केंद्र सरकार से जो भी एग्रीमेंट किया है उसके तहत किसी भी प्रकार का राजस्व एकत्रित नहीं कर रहा।
वहीं मामले में याचिकाकर्ता ने इस तर्क को गलत बताते हुए कहा कि गूगल भारत में अरबों रुपये का राजस्व एकत्रित कर रहा है। अदालत ने इस मुद्दे पर गूगल व केंद्र सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति संजीव सचदेव की खंडपीठ प्रधानमंत्री कार्यालय समेत अन्य मंत्रालयों के सोशल मीडिया के उपयोग करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है।