एग्जाम देने जा रहे बाइक सवार 12वीं के छात्र नईम (18) की बृहस्पतिवार दोपहर सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। उसका साथी छात्र गंभीर रूप से जख्मी हो गया। हादसा सिहानी गेट कोतवाली के नजदीक हुआ।
लग्जरी कार चालक द्वारा अचानक टर्न लिए जाने पर बाइक बचाने में डिवाइडर पर चढ़ गई और करीब पांच मीटर घिसटते हुए खंभे से जा टकराई।
पुलिस का दावा है कि छात्र हेलमेट नहीं लगाए था, अगर हेलमेट होता तो जान बच सकती थी। परिजनों की मांग पर शव को बिना पोस्टमार्टम के ही उनके सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, नईम ढबारसी गांव का था। उसके पिता मोमिन की आर्टिफिशियल ज्वैलरी की शॉप है। बृहस्पतिवार को नईम का बिजनेस आर्गेनाइजेशन (बीओ) का पेपर था।
एग्जाम देने के लिए नईम साथी जावेद, शाकिर और दो अन्य के साथ सनातन धर्म इंटर कालेज जा रहा था। छात्र दो बाइकों पर थे। नईम और जावेद एक बाइक पर थे। बाइक जावेद चला रहा था।
सिहानीगेट कोतवाली के नजदीक जावेद की बाइक डिवाइडर पर जा चढ़ी और घिसटते हुए सड़क पर मौजूद एक खंभे से जा भिड़ी। दोनों को गंभीर चोटें आईं।
पीछे से बाइक पर आ रहे शाकिर ने राहगीरों की मदद से दोनों को एमएमजी अस्पताल पहुंचाया, जहां नईम को मृत घोषित कर दिया।
जावेद को दिल्ली रेफर कर दिया है। बेटे की मौत से परिजन सदमे में हैं। शाकिर ने बताया कि हादसा लग्जरी कार चालक की लापरवाही के कारण हुआ।
चालक ने अचानक कार टर्न की। बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और घिसटते खंभे से टकराई। खंभे के पास मौजूद पत्थरों पर नईम का सिर जा लगा।
दोस्त ने छात्र को बचाने को लिए छोड़ दिया पेपर
परिजनों ने बताया कि नईम 12वीं में अच्छे नंबरों से पास होकर नामी कालेज में प्रवेश पाना चाहता था। रात 3 बजे तक दोस्त शाकिर के साथ पढ़ाई करता था
एग्जाम के बाद वह दोस्तों संग पार्टी की प्लानिंग कर रहा था। हादसे में नईम और जावेद को लहूलुहान देख बाकी साथी तो चले गए, मगर शाकिर ने अपना पेपर छोड़ दिया और दोनों को अस्पताल पहुंचाया।
नईम सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। शाकिर ने बताया कि नईम आटो से एग्जाम सेंटर जा रहा था, मगर जावेद बाइक ले आया तो वह उसके साथ बाइक पर निकल गया।