छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि राज तेवतिया का जाल पूरे देश में फैला हुआ है। देशभर के अलग-अलग राज्यों में इसके जानकार लोगों ने अपने-अपने एग्जाम सेंटर या कंप्यूटर सेंटर खोले हुए हैं। अरशद व सलमान के माहीम इलाके में अपने कंप्यूटर सेंटर हैं, वहां 25 से अधिक लोग काम करते हैं।
वहीं कुणाल गोयल भी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में 'साइट लर्निंग' के नाम से अपना कंप्यूटर सेंटर चलाता है। यहां 50 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। मोहित शर्मा खुद जीमैट के छात्रों को पढ़ाता था। इसके बाद वह फेसबुक के जरिये कुणाल गोयल के संपर्क में आया और उसने सॉल्वर के रूप में राज के साथ काम शुरू कर दिया।
राज ने खुलासा किया है कि उसके पास अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अलग-अलग सॉल्वर मौजूद हैं, उनकी मदद से वह परीक्षार्थियों को मनचाहे नंबर दिलवाकर मोटी रकम ऐंठता था। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ कर रही है।
सौदेबाजी होने के बाद परीक्षार्थी को अल्ट्राव्यूवर सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराने के बाद उसके सिस्टम की रिमोट एक्सेस आरोपी ले लेते थे। इसके बाद उसके सिस्टम की विंडो में कुछ इस तरह के सॉफ्टवेयर डाले जाते थे कि परीक्षा सेंटर पर प्रॉक्टर उसको पकड़ नहीं पाता था। परीक्षा शुरू होते ही सॉल्वर अपने काम में लग जाता था। परीक्षार्थी बस वहां बैठकर एग्जाम देने का नाटक करता था।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी...
. अरशद धुन्ना-बीकॉम पास, सिस्को नामक कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर का मालिक।
. सलमान धुन्ना-बीटेक पास, अपने भाई के साथ ट्रेनिंग सेंटर में करता है मदद।
. हेमंत शाह-बीकॉम पास, रुपयों की लेनदेन की करता है डील, गुजरात का रहने वाला।
. कुणाल गोयल-बीए पास, दिल्ली में अपना कंप्यूटर इंस्टीट्यूट चलाता है।
. मोहित शर्मा-बीटेक पास, राज तेवतिया के लिए सॉल्वर का करता है काम।
. राज तेवतिया-बीए प्रथम वर्ष, गैंग सरगना, देशभर के अलग-अलग मॉड्यूल करता ऑपरेट।