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पेपर सॉल्वर गैंग: परीक्षार्थी बस एग्जाम देने का करते थे नाटक, मुंबई में बैठे अरशद-सलमान और हेमंत करते थे डील, इन तीन मॉड्यूल पर करते थे काम

Thu, 06 Jan 2022 10:24 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

परीक्षा वाले दिन परीक्षार्थी से कंप्यूटर खोलकर बस बैठने के लिए कहा जाता था। बाकी काम तीसरा मॉड्यूल यानी सॉल्वर गैंग करता था। अभी तक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार जीमैट के 18 छात्रों के एक बैच को इन्होंने परीक्षा पास करवाई।
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गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि इनका गैंग तीन अलग-अलग मॉड्यूल में काम करता था। डार्क वेब की मदद से परीक्षार्थी इन लोगों से संपर्क करते थे। मुंबई के माहीम में बैठे अरशद, सलमान और हेमंत ऑनलाइन परीक्षा पास करवाने के लिए डील करते थे।

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रुपयों की बात होने के बाद अपने खाते में कुछ अमाउंट डलवा लिया जाता था। इसके बाद आगे मामला दूसरे मॉड्यूल यानी राज तेवतिया के पास पहुंच जाता था। राज अपने लोगों की मदद से परीक्षाओं के सिस्टम में एक विशेष तरह का सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाता था, जिसे एग्जाम सेंटर पर पकड़ा नहीं जाता था।

परीक्षा वाले दिन परीक्षार्थी से कंप्यूटर खोलकर बस बैठने के लिए कहा जाता था। बाकी काम तीसरा मॉड्यूल यानी सॉल्वर गैंग करता था। अभी तक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार जीमैट के 18 छात्रों के एक बैच को इन्होंने परीक्षा पास करवाई। इसके अलावा अलग-अलग परीक्षाओं के करीब 500 से अधिक छात्रों को यह पास करवा चुके हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।

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पूरे देश में फैला है राज का जाल

छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि राज तेवतिया का जाल पूरे देश में फैला हुआ है। देशभर के अलग-अलग राज्यों में इसके जानकार लोगों ने अपने-अपने एग्जाम सेंटर या कंप्यूटर सेंटर खोले हुए हैं। अरशद व सलमान के माहीम इलाके में अपने कंप्यूटर सेंटर हैं, वहां 25 से अधिक लोग काम करते हैं।

वहीं कुणाल गोयल भी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में 'साइट लर्निंग' के नाम से अपना कंप्यूटर सेंटर चलाता है। यहां 50 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। मोहित शर्मा खुद जीमैट के छात्रों को पढ़ाता था। इसके बाद वह फेसबुक के जरिये कुणाल गोयल के संपर्क में आया और उसने सॉल्वर के रूप में राज के साथ काम शुरू कर दिया।

राज ने खुलासा किया है कि उसके पास अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अलग-अलग सॉल्वर मौजूद हैं, उनकी मदद से वह परीक्षार्थियों को मनचाहे नंबर दिलवाकर मोटी रकम ऐंठता था। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ कर रही है।
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ऐसे दिया जाता था वारदात को अंजाम...

सौदेबाजी होने के बाद परीक्षार्थी को अल्ट्राव्यूवर सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराने के बाद उसके सिस्टम की रिमोट एक्सेस आरोपी ले लेते थे। इसके बाद उसके सिस्टम की विंडो में कुछ इस तरह के सॉफ्टवेयर डाले जाते थे कि परीक्षा सेंटर पर प्रॉक्टर उसको पकड़ नहीं पाता था। परीक्षा शुरू होते ही सॉल्वर अपने काम में लग जाता था। परीक्षार्थी बस वहां बैठकर एग्जाम देने का नाटक करता था।
 

कौन हैं पकड़े गए आरोपी...

. अरशद धुन्ना-बीकॉम पास, सिस्को नामक कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर का मालिक।
. सलमान धुन्ना-बीटेक पास, अपने भाई के साथ ट्रेनिंग सेंटर में करता है मदद।
. हेमंत शाह-बीकॉम पास, रुपयों की लेनदेन की करता है डील, गुजरात का रहने वाला।
. कुणाल गोयल-बीए पास, दिल्ली में अपना कंप्यूटर इंस्टीट्यूट चलाता है।
. मोहित शर्मा-बीटेक पास, राज तेवतिया के लिए सॉल्वर का करता है काम।
. राज तेवतिया-बीए प्रथम वर्ष, गैंग सरगना, देशभर के अलग-अलग मॉड्यूल करता ऑपरेट।
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