आरकेजीआईटी वुमन का बदलेगा स्वरूप
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आरकेजीआइटी वुमन कॉलेज जल्द ही को-एड कॉलेज बनने जा रहा है। माना जा रहा है कि बीते कई वर्षों से एडमिशन की संख्या कम होने की वजह से कालेज प्रबंधन ने इसे को-एड कॉलेज बनाने का निर्णय लिया है। उम्मीद है कि नए सेशन में आरकेजीआईटी वुमन कॉलेज का स्वरूप बदले और इसमें गर्ल्स और ब्वॉयज दोनों एक साथ पढ़े।
गर्ल्स इंजीनियरिंग कॉलेजों में कम एडमिशन के चलते अब ये को-एड कॉलेज में तब्दील हो रहे हैं। प्रदेश में 2007-08 में छात्राओं की तकनीकी शिक्षा के लिए गर्ल्स इंजीनियरिंग कालेज खोले गए थे।
उस वक्त प्रदेश में करीब 15 कालेज खुले, लेकिन बाद में एडमिशन कम होने और स्टूडेंट्स का रूझान अन्य क्षेत्र में होने की वजह से अधिकांश कॉलेज धीरे-धीरे बंद हो गए। नए सेशन से आरकेजीआईटी वुमन कालेज भी बंद होकर को-एड कालेज बनने जा रहा है।
आरकेजीआईटी कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी विपुल गोयल ने बताया कि वुमन कालेज को बदलकर को-एड कॉलेज करने का अप्रूव्ल एआईसीटीई से मिल गया है। एकेटीयू से अभी ये अप्रूव्ल लेना बाकी है।
उम्मीद है कि जून में शुरू होने वाली यूपीएसईई की काउंसलिंग से पहले ही एकेटीयू से भी अप्रूव्ल मिल जाए। अन्य कालेजों की तरह यहां भी गर्ल्स और ब्वॉयज स्टूडेंट्स एक साथ पढ़ेंगे। कालेज के वर्तमान इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं होगा।