एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में दिल्ली टू मेरठ रैपिड रेल को मंजूरी मिलने का जीडीए ने स्वागत किया है। जीडीए सचिव रविंद्र गोडबोले ने कहा कि इसके निर्माण में हर तरह का सहयोग जीडीए करेगा। इसके बन जाने से गाजियाबाद में आवासीय और व्यावसायिक विकास तेज होगा।
बता दें कि इसकी कुल लंबाई 90 किलोमीटर होगी। इस पर 17 स्टेशन बनाए जाएंगे। कंसलटेंट डिम्ट्स ने इसकी डीपीआर बनाई थी। हालांकि 2011 में बनाई गई डीपीआर पर तभी एनएचएआई ने आपत्ति जताई थी।
हालांकि अब एनएचएआई द्वारा एनएच-58 को डिनोटिफिकेशन किए जाने के बाद आपत्ति वाली बात नहीं रह गई है। वैसे बुधवार को बोर्ड की बैठक में कहा गया कि इसके डीपीआर पर काम की शुरुआत होगी।
रैपिड रेल आनंद विहार से हिंडन किनारे से होते हुए राजनगर एक्सटेंशन से गुजरेगी। इसका एक स्टेशन राजनगर एक्टेंशन होगा, ताकि यहां की बड़ी आबादी को हाईस्पीड ट्रेन का लाभ मिले। हाईस्पीड की सुविधा मिलते ही न केवल राजनगर एक्सटेंशन, बल्कि जीडीए द्वारा पाइपलाइन के आसपास प्रस्तावित 2500 एकड़ में मेगा सिटी के निवासियों को भी लाभ मिलेगा। नार्दर्न पेरीफेरल किनारे बसने वाली आईटी सिटी, मल्टीनेशनल कंपनियों के वेयरहाउसेस, औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को भी हाईस्पीड का लाभ मिलेगा।