नगर निगम और प्राइवेट फर्म के साझा प्रयासों से लगने वाले वाटर एटीएम से लोगों को स्मार्ट कार्ड से पानी मिलेगा। निगम ने सस्ती दरों पर दिए जाने वाले फिल्टर्ड पानी के दुरुपयोग और ट्रेडिंग को रोकने के लिए यह प्लानिंग की है। बता दें कि 80 वार्डों में वाटर एटीएम लगने हैं।
दरअसल, महापौर अशु वर्मा ने प्राइवेट फर्मों को 3 से 4 रुपये में 20 लीटर फिल्टर्ड पानी लोगों को मुहैया कराने को कहा है। इतनी सस्ती दर पर 20 लीटर पानी मिलने से प्राइवेट फर्मों और निगम को इसके दुरुपयोग होने का भी डर है।
ऐसे में महापौर और पार्षदों ने स्मार्ट कार्ड से पानी देने का सुझाव दिया है। फर्मों ने इस पर सहमति भी जता दी है। इस कार्ड को रीचार्ज कराकर महीने भर पानी लिया जा सकेगा। महापौर का कहना है कि राहगीरों को बिना कार्ड के भी पानी दिया जाएगा, लेकिन दुरुपयोग रोकने के लिए इंतजाम किए जाएंगे।
टीएचए से होगी शुरूआत:
वाटर एटीएम लगाने की शुरूआत टीएचए की कालोनियों से की जाएगी। टीएचए का ग्राउंड वाटर खराब होने की वजह से वहां पानी की किल्लत ज्यादा है। पुराने गाजियाबाद क्षेत्र में ग्राउंड वाटर खारा न होने की वजह से लोग सबमर्सिबल से पानी ले रहे हैं। टीएचए में लोगों को 20 से 25 रुपये में पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में सबसे पहले इसी क्षेत्र में वाटर एटीएम लगाने की प्लानिंग है।