पूरे अस्पताल को ही बदलना पड़ेगा : कमिश्नर
राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान में जनपद में भारी लापरवाही बरती जाती है। यह शासन ने भी माना है। हेल्थ पोस्ट पर जहां टीकाकरण होता है वहां स्टाफ नहीं होता। कई बार ऐसा होता है कि वैक्सीन ही खत्म हो जाती है। जनपद में शत प्रतिशत टीकाकरण न होने के कारण शासन ने चिंता जताई है और जिलाधिकारी को समीक्षा करने के भी आदेश दिए हैं।
गाजियाबाद में टीकाकरण में लगातार गिरावट आ रही है। इसको लेकर शासन ने भी चिंता जताई है। इंद्रधनुष योजना के तहत बच्चों को सात जानलेवा बीमारियों से बचाने के टीके लगाए जाने थे। दो चरणों में इसका अभियान चलाया गया लेकिन इसमें भी शत-प्रतिशत बच्चे लाभांवित नहीं हो पाए।
स्वास्थ्य केंद्रों पर अभी भी हेपेटाइटिस सी के टीके उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम की कमी के चलते वहां अभिभावकों को वैक्सीन लगवाने के लिए इंतजार करना पड़ता है। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य समिति की बैठक कर समीक्षा करें।
मंडल में हुई समीक्षा बैठक में आशाओं को नियुक्ति से लेकर संविदा कर्मियों की नियुक्ति और गिरते टीकाकरण आंकड़े पर चिंता जताई है। इस मामले में सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल का कहना है कि जनपद में टीकाकरण में कोई लापरवाही नहीं बरती जाती है। शत प्रतिशत टीकाकरण के लिए लगातार टीमें काम करती रहती हैं।