बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने 2017 के विस चुनाव में पूर्ण बहुमत दिलाया था। अब 2022 के चुनाव में उससे ज्यादा बेहतर परिणाम आएंगे। ईवीएम कमल के फूल से लबालब होगी। उत्तर प्रदेश में अगर सपा, बसपा और कांग्रेस का गठबंधन होता हैं, तब भी जीत भाजपा को मिलेगी।
विपक्षियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव के बाद प्रियंका, राहुल और अखिलेश यादव को भगवान याद आ रहे है। कोई जनेऊधारी, कोई रामभक्त, तो कोई कृष्णभक्त बन जाता हैं। 2022 के चुनाव में तीनों का ही प्रदेश से सूपड़ा साफ होगा। प्रदेश की जनता भ्रष्टाचार, अराजकता, गुंडागर्दी और भयमुक्त सरकार चाहती हैं। पिछले साढ़े चार वर्षो में प्रदेश की जनता को ऐसी ही सरकार मिली है।
सपा मुखिया व पूर्व सीएम अखिलेश यादव समाजवादी विजय रथ लेकर रविवार को हरदोई पहुंचे थे। वहां जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा था कि सरदार पटेल, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना (मुहम्मद अली) ने एक ही संस्थान में पढ़ाई की। वे बैरिस्टर बन गए और भारत की आजादी के लिए लड़े। उनके इस बयान पर कई राजनीतिक दल तीखी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। इनसे पहले एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा प्रमुख मायावती भी उनके बयान की आलोचना कर चुके हैं।