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ओएलएक्स पर चोरी के वाहन बेचने थे फूफा-भतीजा: दिल्ली में तैयार कराते थे कागजात, 21 दोपहिया बरामद

Sun, 09 Jan 2022 10:34 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद

सार

एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान मुशीर निवासी कैलाभट्टा और फरीदनगर के शादाब के रूप में हुई है। मुशीर शादाब का फूफा है। मेरठ के सोतीगंज में व्यापारी अनस इन्हें चोरी की बाइक व स्कूटी बेचता था। वहां से वाहन लाकर दोनों मसूरी के गोदाम में रखते थे। 
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चोरी की बाइक (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ के सोतीगंज से चोरी के पार्ट्स व वाहन खरीदकर ओएलएक्स पर बेचने वाले फूफा-भतीजा को कौशांबी पुलिस ने वैशाली मैक्स कट से गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ के बाद निशानदेही पर पुलिस ने मसूरी के गोदाम से चोरी की 15 बाइक व छह स्कूटी बरामद की है। पुलिस ने बताया कि दोनों शातिर चोरी वाहनों के कागजात दिल्ली में रमन सरदार से 2000-2500 रुपये में तैयार कराते थे। 

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एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान मुशीर निवासी कैलाभट्टा और फरीदनगर के शादाब के रूप में हुई है। मुशीर शादाब का फूफा है। मेरठ के सोतीगंज में व्यापारी अनस इन्हें चोरी की बाइक व स्कूटी बेचता था। वहां से वाहन लाकर दोनों मसूरी के गोदाम में रखते थे। इसके बाद दिल्ली करोल बाग के आरटीओ आफिस के एजेंट रमन सरदार से बाइक व स्कूटी के फर्जी कागजात तैयार कराते थे। सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि फरार अनस व रमन सरदार की तलाश की जा रही है। 

सड़क किनारे खड़े वाहनों की लेते थे फोटो
सीओ ने बताया कि मुशीर कक्षा आठवीं और शादाब 12वीं पास है। अनस जिस भी बाइक या स्कूटी को चोरी करता था। उसकी फोटो मुशीर व शादाब को भेजता था। बाद में दोनों उसी तरह की अन्य बाइक के नंबर प्लेट का फोटो खींच लेते थे। रमन सरदार उस बाइक का चैसिस व इंजन नंबर निकालकर फर्जी कागजात तैयार कर देता था। वहीं चैसिस और इंजन नंबर अनस अपने गोदाम में चोरी की बाइक में लिख देता था। थाना प्रभारी सचिन मलिक ने बताया कि अनस ने पिछले महीने एक नीले रंग की एक नीले रंग की मोटरसाइकिल चोरी की। मुशीर और शादाब को उसकी फोटो भेज दी। दोनों ने प्रीतमपुरा दिल्ली के योगेश अरोड़ा की नीले रंग की मोटरसाइकिल के नंबर प्लेट की फोटो खींचकर रमन सरदार को भेज दी। 
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उसने आरटीओ आफिस से योगेश की बाइक का चैसिस व इंजन नंबर पता करके उन्हें बता दिया। उसके आधार पर फर्जी कागजात भी तैयार कर दिए। इन कागजातों को मुशीर मेरठ के अनस को भेज देता था। पूरी बाइक तैयार होने के बाद मुशीर और शादाब उसे बेचने के लिए ओएलएक्स पर डाल देते थे। पिछले दिनों योगेश को बाइक सर्विसिंग के दौरान दूसरी बाइक से चैसिस व इंजन नंबर एक जैसे होने की जानकारी हुई। पुलिस ने बताया कि आरोपी पांच वर्षों से इस अवैध कारोबार को कर रहे थे। इसमें वह हजारों लोगों को चूना लगा चुके हैं। 

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