गाजियाबाद के मोदीनगर में दो दिन से लापता चाचा-भतीजे के शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।
गाजियाबाद के मोदीनगर में दो दिन से लापता चाचा-भतीजे के शव सोमवार को दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग पर उमेश पार्क के पीछे बरामद हुए हैं। गुमशुदगी लिखाने पहुंची एक मृतक की पत्नी ने कपड़ों के आधार पर मृतकों की शिनाख्त की।
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पुलिस दोनों की मौत का कारण ट्रेन की चपेट में आना बता रही है। दोनों किराए के मकान में रहते थे और मजदूरी करते थे। मूलरूप से जनपद सुल्तानपुर स्थित बंधवा कला निवासी जुगनू पुत्र रामचंद्र यादव (30) और रामजीत उर्फ मोंटू पुत्र देवनाथ (25) नगर की अलग-अलग कॉलोनियों में किराए के मकान में रहकर मजदूरी करते थे।
जुगनू और रामजीत चाचा भतीजे थे। बताया गया कि दोनों गत शनिवार को मजदूरी पर जाने के लिए घर से निकले थे मगर वापस नहीं लौटे। पुलिस ने दोनों के शव सोमवार सुबह उमेश पार्क के पीछे रेलवे ट्रैक से बरामद किए।
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सोमवार पूर्वाह्न जुगनू की पत्नी मीनू गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए थाने पहुंची, जहां पुलिस ने उसे रेलवे ट्रैक से दो शव मिलने की जानकारी दी। इसके बाद मीनू ने कपड़ों के आधार मृतकों की शिनाख्त जुगनू और रामजीत के रूप में की।
मीनू ने बताया कि दोनों शनिवार सवेरे मजदूरी करने के लिए घर से गए थे। वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक मुनेंद्र सिंह का कहना है कि दोनों की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है, शव उमेश पार्क के पीछे रेलवे ट्रैक से बरामद हुए।