गाजियाबाद के मसूरी थाना इलाके के डासना देवी मंदिर में बुधवार रात दो संदिग्ध युवकों को मंदिर के सेवादारों ने दबोच लिया। गेट पर एंट्री के दौरान दोनों ने खुद को हिंदू बताते हुए अपने नाम लिख आए थे, लेकिन जांच में एक युवक संप्रदाय विशेष का निकला जिसके बाद वहां हंगामा हो गया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से सर्जिकल ब्लेड बरामद होने से सनसनी फैल गई। मंदिर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने आरोपियों को खुद की हत्या के लिए भेजे हुए आतंकवादी बताया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का कहना है कि रात करीब 8:30 बजे दो लोग मंदिर में आए। गेट पर तैनात पुलिस ने रजिस्टर में एंट्री की तो एक ने खुद को नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय बताया और अपने साथी का नाम काशी गुप्ता लिखवाया।
दोनों के पास एक बैग था। मंदिर परिसर में दोनों की गतिविधियां देख कर सेवादारों ने पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम वही बताए जो रजिस्टर में लिखवाए थे। गहनता से जांच पड़ताल करने पर काशी गुप्ता नाम से एंट्री कराने वाला व्यक्ति काशिफ निकला, जिसने खुद को संजयनगर गाजियाबाद निवासी बताया।