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गाजियाबाद: 'मुझे बहुत कुछ बोलना है पर याद नहीं आ रहा बहन', कहकर छात्र ने नस काटी और दूसरी मंजिल से कूद गया

Sun, 29 Oct 2023 09:39 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद/मसूरी

सार

नंधू की बहन सौंदर्या ने बताया कि उनका भाई इस तरह का कदम नहीं उठा सकता है। उसे किसी ने यह करने के लिए मजबूर किया है। नंधू काफी शांत स्वभाव और हिम्मत वाला था। वह काफी धार्मिक था। 
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गाजियाबाद के सुंदरदीप कॉलेज में आर्किटेक्चर कोर्स में तृतीय वर्ष के छात्र ने किया आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजियाबाद स्थित मसूरी क्षेत्र के आकाशनगर में शनिवार रात करीब पौने दो बजे सुंदरदीप कॉलेज से आर्किटेक्ट की पढ़ाई कर रहे नंधू (22) ने चाकू व ब्लेड से हाथ की नस और गला रेत लिया। उसके बाद दूसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी। घटना से पूर्व नंधू ने अपनी बहन सौंदर्या से फोन पर बात की थी और कहा था कि उसे बहुत कुछ बोलना है पर कुछ याद नहीं आ रहा। घबराहट भरी आवाज सुनकर सौंदर्या ने नंधू के दोस्त कुशल को फोन कर नंधू के पास जाने के लिए कहा। कुशल नंधू के पास पहुंचा तब तक वह जान दे चुका था। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

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नंधू पुत्र नालिगी सामाना मूलरूप से तेलंगाना के निजामाबाद के गांव गुंजली मंडल के रहने वाले थे। वह सुंदरदीप कॉलेज से आर्किटेक्ट के तृतीय वर्ष के छात्र थे। नंधू आकाशनगर में एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी के मकान में पहली मंजिल पर किराये पर कमरा लेकर रह रहे थे। शनिवार रात ढाई बजे जब पुलिस को घटना की जानकारी मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची। नंधू के कमरे में सामान बिखरा और जमीन पर खून फैला हुआ मिला।

नंधू की बहन सौंदर्या व उसके दोस्त कुशल ने बताया कि पिछले साल नंधू का एक पेपर में बैक आया था। इससे भी वह परेशान था। आसपास के लोगों का कहना है कि वह शांत स्वभाव का छात्र था। एसीपी मसूरी नरेश कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। अवसाद के कारण आत्महत्या करना प्रतीत हो रहा है। मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।

आत्महत्या नहीं कर सकता मेरा भाई
नंधू की बहन सौंदर्या ने बताया कि उनका भाई इस तरह का कदम नहीं उठा सकता है। उसे किसी ने यह करने के लिए मजबूर किया है। नंधू काफी शांत स्वभाव और हिम्मत वाला था। वह काफी धार्मिक था। अक्सर धार्मिक स्थानों पर जाता था और प्रसाद वितरित करता था। शुक्रवार रात को भी उसने घर के आसपास लोगों को प्रसाद बांटकर कहा था कि वह प्रयागराज स्नान करने जाएगा। इसलिए प्रसाद बांट रहा है।
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सीढ़ियों पर नहीं मिले खून के निशान
हाथ की नस व गर्दन रेतने के बाद नंधू के कमरे में जमीन व गद्दे पर काफी खून मिला। इसके बाद वह छत पर गया था। ऐसे में उसके पैर के सहारे व हाथ व गर्दन से खून निकलने पर सीढ़ियां भी खून से सनी होनी चाहिए थी। लेकिन सीढ़ियों पर मामूली खून के धब्बे मिले हैं। ऐसे में यह भी आशंका है कि उसके साथ कोई और भी था या किसी ने उसकी हत्या कर छत पर ले जाकर फेंका है।
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