विधानसभा चुनाव में गठबंधन के नाम पर चल रहा हाई वोल्टेज ड्रामा रविवार देर शाम समाप्त हुआ तो गाजियाबाद की पांचों विधानसभा सीटों की तस्वीर ही बदल गई। अब यहां फिर से समीकरण बदलते नजर आएंगे।
दूसरी ओर इस गठबंधन के बाद से पूर्व में घोषित सपा प्रत्याशी भी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उन्हें अपनी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। यूपी की सबसे बड़ी साहिबाबाद सीट को लेकर एक ओर जहां भाजपा ने सस्पेंस बना रखा था, वहीं सपा-कांग्रेस के गठबंधन की चर्चा लोगों को बार-बार भ्रमित कर रही थी।
कई दिनों से चले आ रहे इस ‘नाटक’ से ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। गठबंधन को लेकर संशय इस कदर था कि गठबंधन की वार्ता जारी रहने के बावजूद सपा ने सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी भी घोषित कर दिए थे।
इससे भी खास बात यह है कि सपा के सभी घोषित प्रत्याशी कलक्ट्रेट से नामांकन फार्म भी ले जा चुके हैं। अब रविवार शाम हुई गठबंधन की घोषणा के साथ ही सपा ने अपने चार प्रत्याशियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। साहिबाबाद के साथ ही सपा ने गाजियाबाद, लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर सीट कांग्रेस के हवाले कर दी।
पांच सीट पर छह जाति:
गाजियाबाद की पांचों विधानसभाओं में राजनीतिक दलों ने जिस प्रकार अपने-अपने प्रत्याशियों को घोषित किया है, उसे साफ पता आता है कि प्रत्याशियों का चयन जातिगत आंकड़ों को ध्यान में रखकर किया गया है।
इन पांच सीटों पर ब्राह्मण, वैश्य, त्यागी, गुर्जर, जाट और मुस्लिम को प्रत्याशी बनाया गया है। साहिबाबाद में जहां भाजपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन ने ब्राह्मण प्रत्याशियों पर दांव लगाया है, वहीं बसपा और रालोद ने मुस्लिम प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है।
गाजियाबाद से भाजपा-बसपा की ओर से वैश्य प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन ने यहां से ब्राह्मण प्रत्याशी उतारा है। लोनी से भाजपा और रालोद ने गुर्जर प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि बसपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन ने मुस्लिम प्रत्याशी घोषित किए हैं।
मुरादनगर से भाजपा से त्यागी, बसपा और रालोद से जाट प्रत्याशी चुनाव लडे़ंगे। जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन ने यहां से सुरेंद्र गोयल के रूप में वैश्य प्रत्याशी उतारा है।
सिर्फ मोदीनगर सीट ही ऐसी है, जहां से सभी राजनीतिक दलों ने अलग-अलग जाति के प्रत्याशियों को तवज्जो दी है। यहां से भाजपा से जाट, बसपा ने मुस्लिम, गठबंधन सरकार से वैश्य और रालोद से ब्राह्मण प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
सपा का नहीं कोई जनाधार, कांग्रेस कैसे करेगी नैया पार
गाजियाबाद की पांच विधानसभा सीटों पर जिस प्रकार से सपा-कांग्रेस के बीच सहमति बनी है, उससे साफ पता चलता है कि गाजियाबाद में सपा का कोई जनाधार नहीं है। सत्ताधारी दल ने पांच में से चार सीटें कांग्रेस की झोली में डाल दी हैं। यह हाल तब है जब कांग्रेस खुद यहां वेंटीलेटर पर है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन, बसपा, भाजपा और रालोद के प्रत्याशी
विधानसभा भाजपा सपा-कांग्रेस गठबंधन बसपा रालोद
गाजियाबाद अतुल गर्ग केके शर्मा सुरेश बंसल अभी तय नहीं
साहिबाबाद सुनील शर्मा अमरपाल शर्मा जलालुद्दीन सिद्दीकी शमशाद चौधरी
लोनी नंदकिशोर गुर्जर शेर नवी चमन जाकिर अली मदन भैया
मुरादनगर अजित पाल त्यागी सुरेंद्र प्रकाश गोयल सुधन रावत अजयपाल प्रमुख
मोदीनगर डा. मंजू सिवाच रामकिशोर अग्रवाल वहाब चौधरी सुदेश शर्मा