गाजियाबाद में मंकी पॉक्स के संदिग्ध मरीज को लेकर चल रही आशंकाओं और भय पर अब विराम लग गया है। मंगलवार को संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आई है। मरीज में मंकी पॉक्स के लक्षण दिखने पर उसका सैंपल जांच के लिए आईसीएमआर पुणे भेजा गया था।
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बता दें कि यह संदिग्ध मरीज और कोई नहीं बल्कि पटना से आई छह साल की बच्ची थी। बच्ची का सैंपल लेकर मंकीपॉक्स की जांच के लिए भले ही भेज दिया गया था, लेकिन जिला एमएमजी अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एके दीक्षित ने पहले ही बताया था कि बच्ची में जो लक्षण मिले हैं, वह पैपोलर आर्टिकेरिया (त्वचा रोग) के हैं।
इस बीमारी में बच्चों में गर्मी के मौसम में दाने और फुंसियां निकलती हैं। धूप में जाने पर यह परेशानी और बढ़ जाती है। जो भी लक्षण मिले हैं उन्हें देखते हुए डॉ. दीक्षित ने कहा था कि ये मंकी पॉक्स के लक्षण नहीं हैं।
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परिजनों ने बताया था कि परिवार के एक और बच्चे को कुछ दिनों पहले इसी तरह की खुजली और रैशेज हुए थे, लेकिन वह अपने आप सही हो गया। परिवार में इस बच्ची के अलावा दो और बच्चों में भी इसी तरह के लक्षण हैं। मंकी पॉक्स में इससे कुछ अलग तरह के दाने होते हैं और संक्रमित को तेज बुखार हो जाता है। इसके बावजूद जांच रिपोर्ट आने तक बच्ची को आइसोलेशन में ही रखा गया था।