डेंगू व चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए शासन ने रविवार को भी सरकारी अस्पताल खोलने का आदेश जारी किया था। ऐसे में रविवार को अस्पताल खुला और मरीज भी पहुंचे, लेकिन चिकित्सक नदारद रहे।
शासनादेश के मुताबिक रविवार को भी सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी खोला जाना था। आदेश के विपरित एमएमजी अस्पताल में पूर्वाह्न 11 बजे तक भी कोई चिकित्सक नहीं बैठा था। दूसरी ओर मरीज रविवार को भी सुबह ही अस्पताल पहुंच गए थे।
मरीजों की संख्या जब बढ़ी तो 11 बजे काय चिकित्सक डा. ललित ओपीडी में बैठे और मरीजों की जांच की। दूसरी ओर संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल में पहुंचे मरीजों को ओपीडी पर ताला लटका हुआ मिला। संयुक्त अस्पताल में केवल इमरजेंसी खुली हुई थी।
इसके अलावा अन्य कोई चिकित्सक नहीं बैठा था। ऐसे में जनरल ओपीडी में दिखाने आए लोगों को वापस लौटना पड़ा।सीएमएस डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि अस्पताल में एक ही फिजिशियन है, जिसकी वीआईपी ड्यूटी लगी हुई है। इसी वजह से वह ओपीडी में नहीं बैठ सके।
दूसरी ओर एमएमएजी अस्पताल में देर से आए डा. ललित ने 70 मरीजों की जांच की। उन्होंने कहा कि सुबह मरीज न होने की वजह से वे वार्ड में थे, मरीज जब आए तो वे ओपीडी में बैठे। एमएजी अस्पताल में ही शिशु एवं बाल रोग विभाग में भी डॉक्टर की कुर्सी खाली रही।
नियमानुसार इन्हें भी ओपीडी में बैठना था और बच्चों को देखना था लेकिन यह भी कुर्सी से नदारद रहीं।