डासना जेल में बंद हिन्दू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी को राखी बांधने के लिए देश के कोने-कोने से महिलाएं जिला कारागार पहुंची। लेकिन कारागार की सीमा में घुसने से पहले ही पुलिस ने इन महिलाओं को रोक दिया। डिप्टी जेलर निखिल त्रिपाठी को राखी बांधी।
बीते दिनों गाजियाबाद में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रह रहे शाहजहांपुर के मजदूरों को बांग्लादेशी बताकर पीटने वाले हिन्दू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी को देशभर से आई महिलाएं जेल राखी बांधने पहुंचीं। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने इन सैकड़ों महिलाओं को बीच रास्त में रोक दिया।
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मसूरी स्थित डासना जिला कारागार पर सैकड़ों महिलाएं जेल में बंद पिंकी चौधरी को राखी बांधने पहुंचे। मगर पुलिस ने सभी को जेल की सीमा पर रोक दिया। इसमें कुछ पुरूष भी शामिल थे। डिप्टी जेलर को बाहर बुलाकर पिंकी चौधरी की पत्नी और दो बेटियों के साथ प्राची सक्सेना जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा ने डिप्टी जेलर निखिल त्रिपाठी को राखी बांधी।
जानकारी के लिए बता दें कि मधुबन बापूधाम क्षेत्र के गुलधर इलाके में खाली मैदान में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रह रहे मजदूरों को बांग्लादेशी बताकर हमलावरों ने उन्हें लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा और उनकी झुग्गियां तोड़ डालीं। इसी दौरान एक झुग्गी में आग भी लग गई। अचानक हुए हमले से डरे-सहमे 15 मजदूर परिवार शनिवार सुबह सामान समेटकर चले गए।
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इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष राजेंद्र नगर निवासी पिंकी चौधरी उर्फ भूपेंद्र चौधरी और 15-20 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पिंकी चौधरी और बसंत कुंज निवासी बादल उर्फ हरिओम को गिरफ्तार कर लिया गया।
पिंकी के खिलाफ पहले से 16 केस दर्ज हैं और वह साहिबाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसने वीडियो जारी कर धमकी दी थी कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले नहीं रुके तो वह गाजियाबाद में रह रहे बांग्लादेशियों को खदेड़ देगा। इस धमकी का वीडियो भी वायरल हुआ था। लेकिन पुलिस ने तीन दिन में कोई कार्रवाई नहीं की थी। दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।