डीएम निधि केसरवानी ने कहा है कि अगर विकास कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता में कोई कमी मिली तो इस कार्य की राशि संबंधित अभियंता के वेतन से काटी जाएगी। बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने यह बात कही।
डीएम ने यह भी कहा कि सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय में पूरा किया जाए। इसके अलावा गुणवत्ता की जांच के लिए कार्यदायी संस्थाएं समय-समय पर निरीक्षण भी करें। वह खुद भी किसी भी कार्य का औचक निरीक्षण कर सकती हैं। गुणवत्ता सही न पाए जाने पर वसूली के साथ ही संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले पौष्टिक आहार की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर देते हुए बीएसए और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया। डीएम ने कहा कि अगर पौष्टिक आहार, फल और दूध की गुणवत्ता ठीक नहीं पायी जाती है तो तत्काल रिपोर्ट की जाए।
इससे तत्काल ही संबंधित आपूर्तिकर्ता या स्वयंसेवी संगठन को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।डीएम ने टीकाकरण कार्यक्रम में और अधिक तेजी लाने के निर्देश देते हुए सीएमओ को निर्देशित किया कि जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीकाकरण अपेक्षा अनुरूप नहीं हुआ है, वहां के प्रभारी चिकित्साधिकारी को आरोप पत्र देकर उनका वेतन रोक दिया जाए।
इसके अलावा पल्स पोलियो कार्यक्रम में वैक्सीनेटर का कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं का बकाया मानदेय का भुगतान भी तत्काल करा दिया जाए। डीएम ने वर्तमान में मच्छरजनित वायरल बुखार की चर्चा करते हुए सीएमओ से कहा कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के साथ ही जल भराव की जगहों पर दवाई का छिड़काव करा दें।
विभिन्न पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए निधि केसरवानी ने कहा कि सभी योजनाएं समय से पूरी की जाएं। इस अवसर पर सीडीओ कृष्णा करुणेश, एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार यादव, परियोजना निदेशक, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व निर्माण कार्य से जुडे़ अभियंता उपस्थित रहे।