राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण का करीब एक साल से हो रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। सेतु निगम 10 दिसंबर से फ्लाईओवर का निर्माण शुरू करेगा। दरअसल एनसीआरटीसी ने हाईस्पीड ट्रेन के रूट के चलते फ्लाईओवर के डिजाइन पर दो बार आपत्ति जता दी थी, इस वजह से यह मामला लटक गया था।
बता दें कि हाईस्पीड ट्रेन इस फ्लाईओवर के बीच से गुजरेगी। इस फ्लाईओवर के बनने से रोजाना लाखों लोगों को इस चौराहे पर भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी।जीडीए वीसी विजय यादव ने बताया कि दो अक्तूबर को ही वसुंधरा के साथ राजनगर एक्सटेंशन फ्लाईओवर के निर्माण का भी शुभारंभ होना था
लेकिन नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने इस बीच दो बार इसके डिजाइन पर आपत्ति लगा दी। अभी भी अंतिम डिजाइन सौंपना बाकी है लेकिन इस डिजाइन को एनसीआरटीसी ने देखकर फाइनल कर दिया है। इस डिजाइन पर अब आईआईटी रुड़की की मुहर लगने की औपचारिकता शेष है।
7-8 दिनों में रुड़की से डिजाइन आ जाएगा, इसके बाद दस दिसंबर को निर्माण कार्य का शुभारंभ किया जाएगा।यहां हाईस्पीड ट्रेन फ्लाईओवर के बीच से गुजरेगी। फ्लाईओवर को दो हिस्सों में बांटना होगा। दोनों हिस्सों के बीच हाईस्पीड के लिए 18 मीटर जगह छोड़ी जाएगी। बीच की जगह पर हाईस्पीड के पिलर खड़े होंगे,
जिसकी ऊंचाई फ्लाईओवर से 5-6 मीटर ऊंची होगी। चीफ इंजीनियर एससी द्विेदी ने बताया कि इस फ्लाईओवर पर हाईस्पीड हल्का सा टर्न लेगी। इसी टर्न को लेकर एनसीआरटीसी के सामने दुविधा पैदा हुई, उन्हें लगा कि कहीं ऐसा न हो जाए कि फ्लाईओवर तैयार हो जाए और बाद में इस टर्न पर हाईस्पीड को पर्याप्त जगह न मिल पाए।
दस दिनों पहले एनसीआरटीसी ने डिजाइन के बाद ड्राइंग डिटेल भी मांगी थी, जो दे दी गई। उन्होंने बताया कि फाइनल डिजाइन को एनसीआरटीसी देख चुकी है और हाईस्पीड के लिए छोड़ी गई जगह पर संतुष्टि जताई है। सेतु निगम इसे 50 करोड़ की लागत से बनाएगा। एक साल में यह बनकर तैयार होगा जबकि हाईस्पीड को बनने में अभी 4-5 साल की देरी है।
वसुंधरा कट पर बन रहे फ्लाईओवर की पाइल टेस्टिंग हो चुकी है। एक हफ्ते में इसका डिजाइन रुड़की से यहां पहुंच जाएगा। इसके बाद पिलर गाड़ने के काम शुरू होंगे। यह काम शुरू करने से पहले वसुंधरा कट से साहिबाबाद बस स्टॉप तक सड़क किनारे फुटपाथ और दुकानें हटा दी जाएंगी।
पिलर गाड़ने के लिए सड़क के दोनों ओर करीब दस-दस मीटर खाली जमीन की जरूरत होगी इसलिए वहां से नर्सरी भी हटाई जाएगी। रात में काम करने के लिए वहां बडी लाइटें लगाई जाएंगी। करीब एक पखवाड़े बाद यह काम शुरू हो जाएगा। यहां भी सेतु निगम 50 करोड़ की लागत से 6 लेन फ्लाईओवर बना रहा है, जिसे एक साल में पूरा कर दिया जाएगा।