साहिबाबाद। बिजली संकट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर सख्त हो जाने के बाद भी गाजियाबाद की स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ है। जिला नो कट जोन में होने के बावजूद 24 घंटे बिजली सिर्फ कागजों में मिल रही है। हकीकत में चार से 10 घंटे तक की कटौती की जा रही है। इससे तमाम परेशानियां हो रही हैं। सोमवार को कड़कड़ माडल में बिजली न होने से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। 40 हजार लोगों को इस संकट से जूझना पड़ा। गाजियाबाद के पुराने अस्पताल में बिजली गुल होने से अंधेरा हो गया। इसलिए, न मलेरिया की जांच हुई और न हेपेटाइटिस की। वाह्य रोगी विभाग ( ओपीडी ) में भी गर्मी से बेहाल मरीज पसीने से तर-बतर होकर बिना इलाज के ही मायूस लौट गए।
इसके अलावा शाम को हो रही बिजली कटौती से बाजारों में अंधेरा छा जाता है। इसी समय लोग खान-पान की दुकानों का रुख करते हैं। नेहरुनगर, कविनगर, मालीवाड़ा, शास्त्रीनगर में रोज शाम को कटौती हो रही है। इंदिरापुरम, कौशांबी, शालीमार गार्डन में भी शाम पांच से रात दस बजे के बीच दो से तीन बार कट लग रहे हैं। मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिजली कटौती हो रही है। तीनों इलाकों में फसल की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
बाल्टी लेकर भटकते रहे लोग
कड़कड़ मॉडल गांव में सोमवार को दिन निकलते ही लोगों को बाल्टी लेकर पानी की तलाश में भटकना पड़ा। सुबह साढ़े सात बजे बिजली गुल हो गई थी। इसी के साथ बारिश शुरु हो गई। दो घंटे तक बिजली नहीं आई। इसी वजह से पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। स्थानीय निवासी अरुण तोमर ने बताया कि बिजली न होने से घरों में पानी की मोटर को नहीं चलाया जा सका। इससे भूतल पर तो टंकी में पानी आया, लेकिन मोटर नहीं चलने के कारण ऊपरी मंजिल पर रहने वाले लोग पानी नहीं भर पाए। साढ़े नौ बजे के आसपास बिजली आने पर मोटर चलाया लेकिन पानी आना बंद हो गया। लोगों को गांव में लगे नल से पानी भरकर एकत्रित करना पड़ा जबकि पीने के लिए बोतलबंद व प्लांट के पानी पर निर्भर रहना पड़ा। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता एनके प्रसाद ने बताया कि बारिश होने के दौरान सुरक्षा के लिहाज से बिजली काटी गई। बारिश बंद होने पर आपूर्ति सुचारू करा दी गई।
इलाज नहीं मिला, मायूस लौटे मरीज
गाजियाबाद। पुराने महिला अस्पताल परिसर में स्थित इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) लैब और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडी)सेंटर में सोमवार को बिजली आपूर्ति ठप रही। इस वजह से वाह्य रोगी विभाग ( ओपीडी ) में मरीजों को उपचार नहीं मिल सका। मानसिक रोगियों की काउंसलिंग और जिरिएट्रिक विभाग में भी काम नहीं हो पाया।
आईडीएसपी लैब में हर सोमवार को हेपेटाइटिस के मरीजों के सैंपल एकत्र करके जांच के लिए भेजे जाते हैं लेकिन बिजली नहीं होने की वजह से यह जांच नहीं हो पाई। मलेरिया की जांच भी ठप रही। आईडीएसपी प्रभारी और जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि दोपहर एक बजे के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो गई थी। बिजली कनेक्शन में कुछ गड़बड़ी थी, जिसको ठीक करा दिया गया है। मंगलवार से सभी जांचे होनी शुरू हो जाएंगी।