गाजियाबाद। संसद की तर्र्ज पर अब गोविंदपुरम स्थित आठवीं बटालियन एनडीआरएफ में भी ग्रीन कैंपस बनेगा। यहां एनडीआरएफ का खुद का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट होगा। वहीं, निर्माणाधीन ऑफिसर व स्टाफ क्वार्टर, डीप डाइविंग पूल और स्वीमिंग पूल से निकलने वाले वेस्ट पानी को री-साइकिल कर कैंपस की ग्रीनरी में इस्तेमाल किया जाएगा।
एनडीआरएफ के 75.13 एकड़ के कैंपस में 50 फीसदी ग्रीन एरिया है। वहीं कैंपस में चल रहे भवन निर्माण में भूकंपरोधी तकनीक (अर्थक्वेक रेसिसटेंस) का इस्तेमाल किया जा रहा है। आठवीं बटालियन के कमांडेंट पीके श्रीवास्तव ने बताया कि स्वच्छता अभियान की दिशा में एनडीआरएफ की ओर से हर कदम उठाए जा रहे हैं।
ग्रीन कैंपस में वेस्ट को री-साइकिल करने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। कैंपस में करीब 37.5 फीसदी ग्रीन एरिया है। ग्रीन कैंपस की सिंचाई व्यवस्था आदि में पानी की काफी जरूरत होगी इसीलिए क्वार्टर, डीप डाइविंग पूल व स्वीमिंग पूल से निकलने वाले वेस्ट पानी को भी री-साइकिल कर उसका इस्तेमाल ग्रीनरी में किया जाएगा।
सोलर स्ट्रीट लाइट व वाटर हीटर भी लगेंगे
एनडीआरएफ में पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कैंपस के अंदर सोलर से चलने वाली स्ट्रीट लाइटें लगायी जाएंगी। वहीं, सभी ऑफिसर व स्टाफ क्वार्टर में पानी को गर्म करने के लिए सोलर वाटर हीटर प्लांट भी लगाए जाएंगे।