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लिफ्ट देने के बहाने करते खेल: गुरु चलाता टप्पेबाजी का गिरोह, चेला गिरफ्तार; 25 से 30 लोगों का बना रखा है गैंग

Fri, 23 Feb 2024 10:55 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद

सार

एसीपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि शाहिद का गुरु फारुख है। शाहिद ने बताया फारुख के पास 25-30 लोगों का गिरोह है। दो-दो साथियों को फारुख बाइक व टप्पेबाजी के लिए रुपये उपलब्ध कराता है। 
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यूपी पुलिस - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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लिफ्ट देने के बहाने सरकारी गाड़ी बताकर सामान की स्कैनिंग करने के बहाने टप्पेबाजी कर लोगों का सामान लेकर भाग वाले गिरोह के एक शातिर को सिहानी गेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए शातिर ने बताया कि गिरोह गुरु चलाता है वह चेला है। गुरु (फारुख) ने 25 से 30 लोगों का एक गिरोह बनाया है। सबको वही वाहन व सामान उपलब्ध कराता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

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एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने बताया कि पकड़ा गया शातिर हापुड़ के धौलाना निवासी शाहिद है। इसने साथी के साथ मिलकर 17 नवंबर 2023 को पटेलनगर में गगन नाम के व्यक्ति को लिफ्ट देने के बहाने सामान की स्कैनिंग व चेकिंग के नाम पर मोबाइल, 4300 रुपये और डेबिट कार्ड का पिन कोड पूछकर 98,900 रुपये खाते से निकाल लिए थे। मामले में गगन ने सिहानी गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।

इसी की जांच में सीसीटीवी फुटेज में शाहिद टप्पेबाजी करता हुआ नजर आया। जिसे ट्रेस कर पकड़ा गया है। पूछताछ में इसने बताया कि उसके गुरु फारुख ने इस टप्पेबाजी में से उसे 30 हजार रुपये दिए थे। इसमें से पुलिस ने 3200 रुपये बरामद किए हैं। एसीपी ने बताया कि शाहिद के खिलाफ मसूरी थाने में डकैती का एक मुकदमा समेत चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। यह कई बार जेल जा चुका है।

हिस्ट्रीशीटर है शाहिद का गुरु फारुख
एसीपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि शाहिद का गुरु फारुख है। शाहिद ने बताया फारुख के पास 25-30 लोगों का गिरोह है। दो-दो साथियों को फारुख बाइक व टप्पेबाजी के लिए रुपये उपलब्ध कराता है। एसीपी ने बताया फारुख दादरी का रहने वाला है। वह दादरी का हिस्ट्रीशीटर है।
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ऐसे करते हैं टप्पेबाजी
शाहिद ने पूछताछ में बताया कि गिरोह का एक व्यक्ति बस अड्डे के आसपास किसी भी व्यक्ति के पास जाकर खड़ा हो जाता है। बातों-बातों में उससे पूछते हैं कि कहां जा रहे है। उसके बताए हुए स्थान पर वह भी जाने की बात कहता है। इसी बीच उनका दूसरा साथी वहां पहुंचता और लिफ्ट देने की बात करके कुछ दूरी पर कार खड़ी होने की बात करता है। इसके बाद सरकारी कार बताकर चेकिंग व सामान की स्कैनिंग का हवाला देकर सामान ले लेते हैं और फरार हो जाते हैं।
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