धौलाना थाना क्षेत्र के दौलतपुर ढीकरी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां तीन सितंबर यानी रविवार की शाम को हरिया सैनी के परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि सभी के पैरों के नीचे जमीन खिसक गई। शाम को खाना बनाने के दौरान ज्वलनशील पदार्थ के रिसाव से घर में आग लग गई। आग के विकराल रूप ने देखते ही देखते पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया।
जानकारी के अनुसार, दौलतपुर ढीकरी गांव में रहने वाले हरिया सैनी की पत्नी शिमला खाना बना रही थी। इस दौरान गैस का रिसाव होने के चलते आग लग गई। शिमला को बचाने गया बेटा चिंकू उर्फ नीरज, राहुल और बेटी रेनु बुरी तरह झुलस गए। इस दौरान हरिया के दो पौत्र गौरव और लवकुश भी आग से झुलस गए थे। आनन-फानन में ग्रामीणों के सहयोग से सभी घायलों को धौलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार के लिए भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान परिजन और ग्रामीण घायलों को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में रेफर कराने की बात पर अड़े रहे थे।
करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद जब एसडीओ ने हस्तक्षेप किया तो घायलों को एंबुलेंस द्वारा जीएस मेडिकल कॉलेज पिलखुवा भेजा गया। दर्द से कराहते, चीखते-चिल्लाते घायलों के परिजनों ने एसडीएम धौलाना संतोष उपाध्याय को बताया कि एंबुलेंस चालक सभी को अस्पताल के गेट के बाहर उतार कर चला गया। एसडीएम ने जी एस मेडिकल के प्रबंधन से बात कर सभी घायलों को दिल्ली के लिए तत्काल रेफर कराया था। इलाज के दौरान चार सितंबर को हरिया सैनी की पत्नी शिमला ने दम तोड़ दिया।
पत्नी की चिता की राख ठंडी भी नहीं हुई थी कि कलेजे के टुकड़े बेटे चिंकू और बेटी रेनू की मौत ने हरिया सैनी को हिला कर रख दिया। बेटे और बेटी की चिता को अग्नि देकर श्मशान से अभी अभागा हरिया सैनी घर तक भी नहीं पहुंचा था कि अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे छोटे बेटे राहुल सैनी ने दुनिया छोड़ दी। ग्रामीण और परिजन हरिया सैनी के कांधे पर हाथ रख ढांढस बंधाते रहे।