प्रधानमंत्री की रैली को लेकर रेलवे भी अलर्ट है। आगरा और कानपुर में मोदी की सभा से पहले रेलवे ट्रैक उखाड़ने की कोशिश की गई थी, इसलिए यहां विशेष एहतियात बरते जा रहे हैं।
रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
जीआरपी प्रभारी सोमवीर सिंह ने बताया कि जीआरपी के अधिकांश स्टाफ को चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। बचे हुए स्टाफ पर सुरक्षा का जिम्मा है। पैसेंजर ट्रेनों के साथ सुपरफास्ट और शताब्दी ट्रेनों में गहन छानबीन की जाएगी। रेलवे स्टेशन के आउटर पर गश्त बढ़ा दी गई है।
कुली और वेंडरों से भी कहा गया है कि जो संदिग्ध व्यक्ति मिले उसकी सूचना तुरंत जीआरपी को दे।
स्टाफ गया चुनाव में, कैसे हो सुरक्षा
विधानसभा चुनाव के लिए जीआरपी और आरपीएफ के अधिकांश कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है, जिससे अब रेल यात्रियों की सुरक्षा रामभरोसे ही रहेगी। सूत्रों के मुताबिक गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से करीब 300 से ज्यादा यात्री गाड़ियां निकलती हैं। इसके अलावा करीब 10 हजार से ज्यादा यात्री रेलवे स्टेशन पर ट्रेनेें पकड़ने आते हैं।
जीआरपी का यहां 150 से ज्यादा का स्टाफ है, जिसमें से 100 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। यही हाल आरपीएफ का है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा कैसे होगी, जो स्टॉफ चुनाव में गया है, वह 12 फरवरी के बाद ही आ पाएगा।