गाजियाबाद। नगर निगम में कमीशनखोरी से रुके विकास कार्यों पर मेयर अशु वर्मा शुक्रवार को सख्त नजर आए। मेयर ने अपने कक्ष में निगम के बड़े ठेकेदारों, निर्माण व लेखा विभाग के अधिकारियों को बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए कि निगम में सभी स्तरों पर हो रही कमीशनखोरी तुरंत रोकी जाए।
ऐसा नहीं हुआ तो शासन से शिकायत कर कार्रवाई कराई जाएगी। ठेकेदारों द्वारा निगम के ठेके न लिए जाने से नाराज मेयर ने शुक्रवार को बडे़ ठेकेदारों के साथ निगम के निर्माण व अकाउंट विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर जमकर क्लास ली।
मेयर ने कहा कि निगम में कमीशनखोरी हर हाल में रुकनी चाहिए। जितने निर्माण कार्य के ठेके नहीं उठे हैं उन्हें जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। सूत्रों का कहना है कि नगर निगम में वीआईपी कमीशन पर बड़ा खेल किया जा रहा है। निगम के वीआईपी लोगों के नाम पर अधिकारी ठेके में कमीशन का खेल करते हैं।
ठेका देने से लेकर ठेकेदार द्वारा पेमेंट लेने तक अधिकारी अपना हिस्सा पहले ले लेते हैं। इससे ठेकेदार भी कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देते और रुपये बचाते हैं। दूसरी ओर उत्तराखंड से आरसीसी रोड़ी के कम आने और एनजीटी के आदेश से शहर के सभी खनन व हॉट मिक्स प्लांट को बंद कर दिया गया है। इसके कारण स्थानीय स्तर पर मैटेरियल नहीं मिल पा रहा है इसलिए ठेकेदार बढ़ा कमीशन और मैटेरियल के महंगे होने के कारण टेंडर नहीं ले रहे हैं।
सड़कों के गड्ढे भरने के ठेके 3 मई को छूटेंगे
शहर की टूटी सड़कों के गड्ढे भरने के लिए अब निगम में 3 मई को टेंडर छोड़े जाएंगे। निगम अधिकारियों के मुताबिक ये टेंडर शुक्रवार को छोड़े जाने थे, लेेकिन उन्हें किन्हीं कारणों से ओपन नहीं किया जा सका। ठेका छोड़ने के बाद गड्ढों को भरने का काम ठेकेदारों को 15 जून तक करना होगा।
नालों में लगाई जा रहीं कच्ची ईंटें, पार्षद ने की शिकायत
गाजियाबाद। निगम अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार नालों में पक्की व अच्छी ईंटों की जगह कच्ची व पीली ईंटों को लगाया जा रहा है। स्थानीय पार्षद भी इसकी शिकायत करते हैं पर कोई सुनवाई नहीं होती।
निगम सूत्रों के मुताबिक शहीद नगर की जवाहर पार्क कालोनी में एक नाला बनाया जा रहा था। जब पार्षद ने नाले का निरीक्षण किया तो मजदूर नाले की दीवार बनाने के लिए कच्ची ईंट का प्रयोग कर रहे थे।
पार्षद ने कंस्ट्रक्शन कंपनी से इस संबंध में जानकारी लेनी चाही तो कंपनी अधिकारियों ने बेखौफ जवाब दिया कि शिकायत किसी से भी कर लो, कुछ नहीं होगा। उधर, महेंद्र एंक्लेव में निर्माणाधीन नाले की शिकायत मिलने पर निगम प्रशासन ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। संबंधित ठेकेदार को स्पष्ट कहा गया है कि वह नाले में क्वालिटी युक्त ईंट लगाए अन्यथा उसका भुगतान रोक दिया जाएगा।