पावर कारपोरेशन ने बिजली बचाने की योजना तैयार की है। शहर की स्ट्रीट लाइटों में लगी लाइटों को एलइडी लाइटों में बदला जाएगा। उच्चाधिकारियों ने सर्किल से कालोनियों में लगी स्ट्रीट लाइटों का ब्यौरा मांगा है। एलईडी लगाने से स्ट्रीट लाइटों पर बिजली की खपत कम होगी। इससे कालोनी में बेहतर बिजली आपूर्ति की जा सकेगी।
गर्मियों में बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है। इससे निपटने के लिए पावर कारपोरेशन ने स्ट्रीट लाइटों में एलइडी लाइट लगाने की योजना तैयार की है। पावर कारपोरेशन सर्किल में लगी लगी स्ट्रीट लाइटों का ब्यौरा तैयार कर रहा है। टीएचए में करीब 25 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हैं।
इसमें से 10 से 15 हजार लाइटें काम करती हैं। एक लाइट में 150 से 250 वॉट का बल्ब लगा होता है। यह बल्ब चार घंटे में करीब एक यूनिट की खपत करता है। अगर आठ घंटे भी एक लाइट जलती है तो वह दो यूनिट बिजली की खपत करती है। 15 हजार लाइटें जलने पर रोजाना करीब 30 हजार यूनिट का इस्तेमाल होता है।
इनका जलाने के लिए करीब तीस मेगावाट की बिजली की जरूरत होती है। अगर सभी स्ट्रीट लाइटों में एलईडी लाइट लग जाती है तो करीब 80 प्रतिशत बिजली की खपत को कम किया जा सकता है।
जितनी बिजली बचेगी उससे कालोनियों में आपूर्ति की जा सकेगी। लोगों को रात के समय बिजली की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। अधीक्षण अभियंता एमसी शर्मा ने बताया कि एलईडी लाइटों को लगाने के लिए सभी स्ट्रीट लाइटों का ब्यौरा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद ब्यौरे को मुख्यालय भेजा जाएगा।