फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान पंचायत: मोदीनगर में राकेश टिकैत का हमला, एक समान मुआवजा नहीं तो टोल नहीं

Mon, 09 Aug 2021 11:31 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मोदीनगर/गाजियाबाद

सार

राकेश टिकैत ने कहा कि यहां के किसानों को लगातार गुमराह किया जा रहा है। अधिकारी बैठक करते हैं और उन्हें फिर एनएचएआई अधिकारियों से मिलने दिल्ली भी ले जाते हैं लेकिन उनकी किसी एक समस्या का समाधान नहीं होता। किसान अधिकारियों के दफ्तरों में धक्के खा रहे हैं। 
विज्ञापन
राकेश टिकैत - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक समान मुआवजे को लेकर भोजपुर में आयोजित किसान पंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को समान मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली नहीं होने देंगे। 
विज्ञापन


अगर किसानों को एक्सप्रेसवे के किनारे सर्विस रोड बनाकर नहीं दी गई तो हमारा गांव हमारा कट पर काम होगा। हर गांव के सामने एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए कट बना दिया जाएगा। दो दर्जन से अधिक गांवों के किसान अपनी मांगों को लेकर धक्के खा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 

एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसान डासना, नाहल, कुशलिया व अन्य गांवों की तर्ज पर समान मुआवजा मांग रहे हैं। एक्सप्रेसवे के किनारे गांवों को जोड़ने के लिए सर्विस रोड बनाई जानी थी, लेकिन अब एनएचएआई के अधिकारी बनाने को तैयार नहीं है। इन्हीं मांगों को लेकर सोमवार को भोजपुर टोल पर पंचायत बुलाई गई। 
विज्ञापन


राकेश टिकैत ने कहा कि यहां के किसानों को लगातार गुमराह किया जा रहा है। अधिकारी बैठक करते हैं और उन्हें फिर एनएचएआई अधिकारियों से मिलने दिल्ली भी ले जाते हैं लेकिन उनकी किसी एक समस्या का समाधान नहीं होता। किसान अधिकारियों के दफ्तरों में धक्के खा रहे हैं। 

 
विज्ञापन

यह पूरी किसान कौम के लिए बुरा दौर है, लेकिन अब हमने भी संकल्प लिया है कि एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली उसी दिन से शुरू होगी, जिस दिन मांग पूरी हो जाएंगी। सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज गन्ना किसानों का 12 हजार करोड़ बकाया है, लेकिन मिलों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। क्योंकि सरकार को उद्योगपति चला रहे हैं। उधर, पंचायत के मंच पर रालोद, सपा व कांग्रेस के नेता भी बैठे थे, लेकिन राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के आंदोलन का किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है।

एनएचएआई को दो टूक 
राकेश टिकैत ने कहा कि पूरी किसान कौम को दबाने की कोशिश हो रही है। किसानों ने एक्सप्रेसवे के किनारे होर्डिंग लगा दिए तो एनएनएआई के अधिकारियों ने उन्हें उतरवा दिया। अब या तो होर्डिंग लगा दिए जाए या फिर किसान अपने आप लगा देंगे। 

पुलिसकर्मियों को शिक्षकों के बराबर मिले वेतन 
पंचायत के दौरान राकेश टिकैत ने कहा कि पुलिसकर्मियों को शिक्षकों के बराबर वेतन मिले। संबोधन के दौरान राकेश टिकैत की जुबान भी फिसली। उन्होंने कहा कि शिक्षक मोटी तनख्वाह ले रहे हैं। जबकि रात-दिन ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को महज 25-30 हजार वेतन मिल रहा है। फिर उन्होंने खुद को संभाला और बोले के शिक्षकों के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन पुलिसकर्मियों को भी शिक्षकों के समान वेतन मिले। 

किसान पंचायत में शामिल हुए प्रमुख लोग 
पंचायत में भाकियू की ओर से राजवीर सिंह, विजेंदर  सिंह, हरेंद्र नेहरा, जय कुमार मलिक, पवन चौधरी उर्फ लालाराम, सिंटू नेहरा, अनिल चौधरी, महबूब सौलाना तथा  रालोद की ओर से जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र राठी,जगत सिंह दौसा, रणवीर दहिया अमरजीत सिंह बड्डी, कपिल चौधरी, सत्येंद्र तोमर, योगेंद्र पतला, रामभरोसे लाल मौर्या, जिला पंचायत सदस्य अमरपाल, कांग्रेस नेता सुनील शर्मा, शाहिद प्रधान मौजूद रहें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें