लोगों को बसों में बिठाकर गंतव्य के लिए किया गया रवाना
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काबुल दूतावास पर तैनात रहे आईटीबीपी सिक्योरिटी इंचार्ज तेजेंद्र शर्मा के भतीजे रविंद्र शर्मा बुलंदशहर में परिवार के साथ रहते हैं। मंगलवार को रविंद्र अपनी पत्नी शैली के साथ हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि एक वर्ष पहले ही चाचा तेजेंद्र अफगानिस्तान गए थे। वहां रहने के दौरान फोन पर लगातार बात होती थी। मगर तालिबान के अचानक हमला करने के बाद उनके होश उड़ गए।
व्हाट्सएप पर कॉल कर बात की तो तेजेंद्र शर्मा ने कहा था कि अफवाहों पर ध्यान मत दो, मैं और पूरा स्टाफ दूतावास के अंदर बिल्कुल सुरक्षित हैं। लेकिन उनके आने का रास्ता साफ नहीं हो रहा था। मीडिया से बातचीत में रविंद्र ने बताया कि चाचा उन्हें रोजाना का मंजर बताते थे। किस तरीके से तालिबानी चप्पल पहने और हाथ में एके 47 लेकर किसी को भी जान से मार देते हैं, कहते थे कि चप्पल और कुर्ता पहने युवक फायरिंग करते दिखते हैं। चारों ओर दहशत का माहौल है। मंगलवार को हिंडन एयरबेस पहुंचने पर रविंद्र और उनके स्वजन ने राहत की सांस ली।
शाम को जब वायुसेना के जवान भारतीयों को लेकर वाहनों से पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों ने गुलाब के फूलों से सभी का स्वागत किया। इस पर लोगों के जमावड़े से हिंडन एयरफोर्स के बाहर जाम लग गया। वाहनों का जाम खुलवाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वायुसेना के जवान भी लगातार बैरिकेड को ठीक कर रास्ता बनाने में जुटे हुए थे। मगर भारतीयों के बाहर आने पर व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई और चौराहे पर काफी देर तक जाम लगा रहा। जिसे खुलवाने में पुलिस के पसीने छूट गए।