आवास विकास की जमीन पर किसानों ने की खेती
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पिछले एक सप्ताह से धरने पर बैठे सिद्धार्थ विहार के किसानों का विरोध बृहस्पतिवार को और मुखर हो गया। किसानों ने परिषद की तीन एकड़ भूमि पर कब्जा करते हुए बृहस्पतिवार को खेती की। किसानों ने ट्रैक्टरों पर चढ़कर आवास विकास अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
साथ ही चेतावनी दी कि अगर बढ़ा मुआवजा नहीं मिलता तो वे परिषद कार्यालय पर ताला लगा देंगे। उधर, किसानों के जमीन पर कब्जे के बाद परिषद अधिकारियों में हड़कंप मचा है।
सिद्धार्थ विहार योजना में जमीन देने वाले किसान 15 अप्रैल से धरने पर बैठे हुए हैं। किसानों की मांग है कि उन्हें 4200 रुपये प्रतिवर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाए। साथ ही रेजिडेंशियल और कामर्शियल भूखंड भी दिए जाएं।
परिषद की अनदेखी से गुस्साए किसानों ने बृहस्पतिवार को परिषद की तीन एकड़ भूमि पर ट्रैक्टर चलाकर खेती की। किसान संघर्ष समिति के अजीत बैसला ने बताया कि गंगा, यमुना और हिंडन एंक्लेव का काम रुकवा दिया गया है।
जल्द मांगे नहीं मानीं जातीं तो वे बिल्डरों को बेची गई जमीनों पर भी कब्जा कर लेंगे। कुछ अधिकारी बिल्डरों से साठगांठ कर जमीन बेच रहे हैं, मगर किसानों की मांग नहीं सुन रहे। अगर अनदेखी जारी रही तो परिषद के कार्यालय पर ताला लगा दिया जाएगा।
इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। परिषद के अधीक्षण अभियंता केए सिंघल ने बताया कि किसानों के साथ बातचीत की गई है। जल्द ही उनकी मांगों पर फैसला होगा।