सरकारी अस्पतालों में पैथालॉजी जांच के नाम पर मरीजों की जेब काटने का ‘खेल’ धड़ल्ले से चल रहा है। सरकारी स्तर पर मुफ्त इलाज और जांच के लिए आने वाले मरीजों को झटका उस समय लगता है, जब पता चलता है कि सरकारी अस्पताल में उक्त जांच सेवा फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
ऐसे मरीजों को निशाना बनाते हैं अस्पताल परिसर में ही घूमने वाले वह प्राइवेट लैब के कर्मचारी, जोकि अस्पताल से ही न केवल मरीजों सैंपल लेते हैं, बल्कि उनकी रिपोर्ट भी अस्पताल में ही मुहैया कराते हैं। बृहस्पतिवार को भी ऐसा ही नजारा संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में देखने को मिला।
मसूरी के गांव नाहल की रहने वाली आसमां संयुक्त जिला अस्पताल में अपना इलाज कराने आई थी। चिकित्सकों ने महिला को थायराइड और एचआईवी आदि की जांच लिखी। डॉक्टर ने यह भी बताया कि अस्पताल में थायराइड की जांच नहीं होती है, इसलिए प्राइवेट लैब से जांच करा लें।
इसके लिए अस्पताल में ही व्यवस्था हो जाएगी जो रियायती दरों में होगी। इसके बाद अस्पताल परिसर में ही घूम रहे प्राइवेट लैब कर्मचारी ने आसमां का ब्लड सैंपल भी ले लिया। प्राइवेट लैब कर्मचारी का कहना था कि थायराइड की जांच लैब में 900 रुपये में होती है, मगर उनके यहां सिर्फ 500 रुपये में ही उक्त जांच की जाती है।
इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। संयुक्त जिला अस्पताल में रोजाना कमीशन का खेल इसी तरह से चल रहा है। सरकार ने पैथलैब की सभी जांच फ्री कर दी है, मगरे मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। पैथलैब जांच के प्राइवेट लैब के गिरोह सक्रिय हैं। लोगों की माने तो यह सारा खेल अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ के सहयोग से चल रहा है।
दो महीने पहले मैने इस अस्पताल को ज्वाइन किया है। इस तरह की शिकायतें सुनने में आई थी लेकिन फिर यह गिरोह सक्रिय हो गया है, इसकी जानकारी नहीं थी। अगर कोई भी परिसर में पकड़ा गया तो कड़ी कार्रवाई होगी। स्टाफ के इसमें शामिल होने की भी जांच कराई जाएगी और सही पाए जाने पर कड़ा दंड दिया जाएगा। - डॉ. दिनेश शर्मा, सीएमएस संयुक्त जिला अस्पताल
यह बेहद गंभीर मामला है। किसी मरीज के साथ हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार पूरा अस्पताल माना जाएगा। इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।- डॉ. अजेय अग्रवाल, सीएमओ