मजदूरों के जीवन से औद्योगिक इकाइयों में किस तरह खिलवाड़ किया जा रहा है, इसका नजारा यूपीएसआईडीसी के फेज टू में संचालित लीना आर्गेनिक्स केमिकल में टैंक की सफाई कर रहे मजदूर की मौत के मामले में देखने को मिला।
हापुड़ के धौलाना में मसूरी-गुलावटी मार्ग स्थित यूपीएसआईडीसी के औद्योगिक क्षेत्र फेज टू में केमिकल्स बनाने की फैक्टरी लीना ऑर्गेनिक्स कंपनी के टैंक की सफाई कर रहे दो मजदूर जहरीली गैस के कारण दम घुटने से बेहोश हो गए। बदहवासी की स्थिति में मजदूरों को गाजियाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई। वहीं दूसरे मजदूर की हालत गंभीर है।
केमिकल कंपनी में टैंक की सफाई के दौरान हुई मजदूर की मौत की भनक लगते ही एसडीएम धौलाना सुनीता सिंह मौके पर पहुंचीं। कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया मृतक उमेश कुमार पुत्र जुगेंद्र निवासी छायसा व घायल सतीश निवासी ग्राम पटाडी गौतमबुद्ध नगर लीना आर्गेनिक्स कंपनी का ही मजदूर थे।
केमिकल कंपनी के परिसर में केमिकल भंडारण के लिए कई अंडरग्राउंड टैंक निर्मित किए गए हैं। इन्हीं में से एक टैंक की सफाई के लिए सोमवार की सुबह कर्मी उमेश कुमार नीचे उतरा था। टैंक की सफाई के दौरान मजदूर का दम घुटने लगा तो उसने अपने सहयोगी मजदूर को आवाज लगा कर मदद के लिए पुकारा।
आवाज सुनकर सतीश नाम का मजदूर भी टैंक में उतर गया। केमिकल टैंक में जहरीली गैस के चलते दोनों मजदूरों का दम घुटने लगा। दोनों मजदूर टैंक के अंदर ही बेहोश हो गए। कंपनी में काम कर रहे अन्य मजदूरों ने गैस के प्रभाव के चलते बेहोश हुए दोनों मजदूरों को बाहर निकाला।
बदहवासी की स्थिति में दोनों मजदूरों को गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उमेश की मौत हो गई। मजदूर सतीश की हालत ही गंभीर बनी हुई है। इस संबंध में जब कंपनी के संचालक आशु मित्तल से संपर्क साधा गया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
जिला अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा ने बताया कि टैंक साफ करते समय कंपनी के कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा कवच प्रदान नहीं किए गए। यह मजदूरों के जीवन से की गई घोर लापरवाही का परिणाम है। उधर कंपनी पहुंचीं एसडीएम सुनीता सिंह ने बताया कि मामले में जांच चल रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो फैक्टरी मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।