आरोपी सुनील ने घटना के दिन व्हाट्सएप खोल से अपने वैशाली के एक दोस्त को बुलाकर उसे 7 लाख 68 हजार रुपये से भरा बैग दे दिया था, जबकि दोस्त को इस घटना के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं दी थी।
गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित लिंक रोड थाने के पास वैशाली मेट्रो स्टेशन के नीचे 27 अप्रैल को कलेक्शन एजेंट से हुई 8 लाख की लूट का पुलिस ने खुलासा किया है। एसपी सिटी सेकंड ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि कलेक्शन एजेंट सुनील कुमार जाटव ने अपने जीजा अनुज से बदला लेने के लिए फर्जी लूट की घटना की योजना तैयार की थी।
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आरोपी सुनील ने घटना के दिन व्हाट्सएप खोल से अपने वैशाली के एक दोस्त को बुलाकर उसे 7 लाख 68 हजार रुपये से भरा बैग दे दिया था, जबकि दोस्त को इस घटना के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं दी थी। अगले दिन आरोपी ने दोस्त से बैग समेत पूरा पैसा ले लिया और लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा।
जीजा के गुपचुप शादी करने की तैयारी से नाराज था आरोपी
एसपी अभिजीत आर शंकर ने बताया कि घटना के बाद पुलिस की टीम ने कलेक्शन एजेंट सुनील से शक होने पर पूछताछ कि जिसमें उसने बताया कि 3 माह पूर्व उसकी बहन की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई थी । उसके इलाज के लिए जीजा अनुज ने काफी लापरवाही बरती थी जिस कारण बहन की बच्चे समेत मौत हो गई थी। यही नहीं जीजा दूसरी शादी की गुपचुप तरीके से तैयारी कर रहा था इस बात से वह नाराज चल रहा था।
प्लाट खरीदने के लिए रकम देने को बनाई थी योजना
थाना प्रभारी बिजेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सुनील यादव के परिवार ने नोएडा के बहलोलपुर में प्लॉट खरीदा था, उसकी रकम अदा करने के लिए उसने 7,68,000 की लूट की योजना तैयार की थी। एसपी सिटी सेकंड ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस आरोपी सुनील कुमार जाटव के खिलाफ फर्जी सूचना देने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कर रही है।