फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: पैसे न देने पर नाती ने ली नानी की जान, हत्या के बाद लाश के कुंडल उतारे; मंदिर में रखे 2000 रुपये चुराए

Sat, 29 Jun 2024 09:50 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, साहिबाबाद

सार

पूछताछ में विनोद ने बताया कि वह एक साल से ऑनलाइन गेम खेल रहा है। पहले कुछ रकम जीता लेकिन इसके बाद हारता रहा। उसे गेम खेलने की लत लग गई थी, इसलिए छोड़ नहीं पाया। कर्ज लेकर भी खेलता रहा। हार-हारकर 50 हजार रुपये का कर्ज हो गया था।
विज्ञापन
नाती ने की नानी की हत्या - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित रामनगर अर्थला में शिव मंदिर के पास आठ जून को घर के अंदर की गई हरप्यारी (60) की हत्या का खुलासा हो जाने का दावा कर पुलिस ने शनिवार को उनके नाती (धेवते) विनोद (20) को गिरफ्तार कर लिया। उससे की गई लंबी पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि उसने ऑनलाइन गेम खेलने के लिए रुपये मांगे थे। नानी ने साफ इनकार कर दिया। इसी से गुस्से में आकर उसने हत्या कर दी।

विज्ञापन

डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे हत्या करने के बाद विनोद ने नानी के कानों से कुंडल उतारे और घर के मंदिर में रखे दो हजार रुपये निकाले। इन्हें लेकर वह अपनी दुकान पर चला गया था। परिवार के लोगों को लग रहा था कि रामप्यारी की हत्या किसी बदमाश ने लूट के लिए की है। 

रामनगर अर्थला में रहने वाले विनोद के दोनों मामा अशोक और भगवान सिंह पोस्टमार्टम के बाद अपनी मां का शव लेकर संभल चले गए थे। ये लोग मूल रूप से संभल के ही निवासी हैं। विनोद भी संभल के काजी सिरौरा का रहने वाला है। दो महीने पहले ही वह संभल से आकर मामा अशोक के पास रह रहा था। किराए की दुकान लेकर उसने समोसे और चाऊमीन बेचने का काम किया था। 

तेरहवीं के बाद लौटकर भगवान सिंह ने 28 जून को केस दर्ज कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी। जांच पड़ताल में यह साफ हो गया था कि हत्या विनोद ने ही की है। उसके खिलाफ साक्ष्य मिल गए। उसे शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से लूटे गए कुंडल भी बरामद हो गए।

ऑनलाइन गेम में हारने से हो गया 50 हजार का कर्ज
पूछताछ में विनोद ने बताया कि वह एक साल से ऑनलाइन गेम खेल रहा है। पहले कुछ रकम जीता लेकिन इसके बाद हारता रहा। उसे गेम खेलने की लत लग गई थी, इसलिए छोड़ नहीं पाया। कर्ज लेकर भी खेलता रहा। हार-हारकर 50 हजार रुपये का कर्ज हो गया था। इसे चुकाने के लिए यहां आकर काम किया। यहां भी गेम खेलता रहा और हारता रहा। इससे न कर्ज चुका पा रहा था और न ही दुकान का किराया दे पा रहा था। 

उसका कहना है कि उसे हमेशा लगता था कि कभी न कभी समय उसका साथ देगा और वह मोटी रकम जीत जाएगा। इसी उम्मीद में खेले जा रहा था। खेलने के लिए रुपये न होने पर उसने रामनगर अर्थला में ही दूसरे मामा भगवान सिंह के पास रहने वाली नानी से कई बार रकम मांगी। नानी को पता चल गया था कि वह ऑनलाइन गेम खेलता है। नानी से एक भी रुपया देने से साफ इनकार कर दिया। 

सीने पर घुटना रखकर दबाया था नानी का गला 
पुलिस पूछताछ में विनोद ने पूरा घटनाक्रम बताया। उसने कहा कि वह आठ जून की दोपहर तीन बजे नानी के पास पहुंचा। घर पर नानी और मामा भगवान सिंह और मामा का भतीजा सुमित था। थोड़ी देर मामा और सुमित किसी काम से बाहर चले गए। वह मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेल रहा था। इसमें हार हो गई और खेलने के लिए उसे रुपये चाहिए थे। उसने नानी से रुपये मांगे। नानी ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद भी वह जिद करता रहा तो नानी ने थप्पड़ मार दिया। 

गुस्से में आकर उसने नानी को धक्का दे दिया और कहा कि रुपये देती हो या नहीं। नानी ने फिर से नहीं में जवाब दिया। इस पर उसने नानी को फिर से धक्का दिया। नानी बेड पर जाकर गिरी। उसका कहना है कि वह गुस्से में आपा खो चुका था। नानी के सीने पर घुटना रखकर बैठ गया और दोनों हाथों से कसकर गला दबा दिया। नानी की मौत हो जाने के बाद दुकान पर चला गया।
विज्ञापन

सीसीटीवी फुटेज में आठ जून को दोपहर करीब तीन बजे विनोद अपने मामा भगवान सिंह के घर से जाता हुआ नजर आया। उसके मोबाइल की लोकेशन भी भगवान सिंह के घर की आई। उसने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। साक्ष्यों के आधार पर ही उसे गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें