राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि सरकार की ओर से मनोनीत एमएलसी लिस्ट को इसलिए वापस किया गया, क्योंकि सभी आपराधिक छवि के व्यक्ति थे। फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय से नई लिस्ट नहीं आई है।
राज्यपाल कैबिनेट मंत्री आजम खां पर भी बरसे। कहा कि आजम संसदीय मंत्री योग्य नहीं हैं। राज्यपाल बृहस्पतिवार को एचआरआईटी कॉलेज में कॉलेज और एबीवीपी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री को यदि गरिमा का ध्यान नहीं है तो उन्हें पद पर बने रहने का भी कोई अधिकार नहीं है। 8 मार्च में कैबिनेट मंत्री आजम खां ने जो भाषा बोली वह संसदीय नहीं थी।
खुद उन्होंने ये बात मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी बताई और इसकी सीडी मंगाई गई लेकिन जो सीडी भेजी गई उसमें आजम खां की बोली गई 60 लाइनों में से 20 लाइन हटा दी गईं। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद ने भी पत्र लिखकर बताया था कि वह स्वयं मिलकर आजम खां क ी भावनाओं के बारे में उन्हें बताएंगे। मैं तब से उनका इंतजार ही कर रहा हूं।
शिक्षा ऐसी हो जो हमें इंसान बनाए : राम नाईक
राज्यपाल राम नाईक ने स्टूडेंट्स को सफलता के चार मंत्र दिए। सदैव मुस्कुराते रहो, अच्छा कार्य होने पर दूसरों की सराहना करो, किसी की अवमानना मत करो और जो भी काम करो उसे बेहतर करो। वह एचआरआईटी में एबीवीपी और कालेज के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित टेक प्रो विजन कार्यक्रम में बोल रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा ऐसी हो जो हमें इंसान बनाए। आतंकी भी पढ़े लिखे होते हैं पर वह समाज का विध्वंस करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार का मेक इन इंडिया और स्टार्ट अप प्रोग्राम देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाएगा।
कार्यक्रम में एकेटीयू के वीसी प्रोफेसर विनय कुमार पाठक, सीसीएस के वीसी प्रोफेसर एनके तनेजा, एबीवीपी के जनरल सेक्रेटरी सुनील आंबेकर, कॉलेज चेयरमैन अनिल अग्रवाल, राजीव सिजारिया, सुनील गुप्ता ने भी छात्रों का आह्नान किया कि वह मूल्यों की शिक्षा भी लें तभी वह जीवन में सफल हो पाएंगे।
कार्यक्रम में अलग-अलग जगह चले पैनल डिस्कशन में बीटेक, एमटेक, बीफार्मा, एमबीए, एमसीए आदि कोर्स के करीब 2000 स्टूडेंट्स को एक्सपर्ट द्वारा टिप्स दिए गए कि वह आगे चलकर क्या करें। किस क्षेत्र में जाएं, कैसे अपना भविष्य बनाएं।
गवर्नर आते-जाते रुकी वाहनों की रफ्तार
गवर्नर की कारों का काफिला सुबह करीब 10.32 बजे एचआरआईटी पहुंचा। काफिले के आने की सूचना के चलते पुलिस ने मनन धाम के पास वाहनों का आवागमन रुकवा दिया। इसके बाद दोपहर एक बजे गाजियाबाद की ओर रवाना होते समय मेरठ की ओर से आ रहे यातायात को रोक दिया गया।
इस कारण दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। हालांकि जाम ज्यादा समय नहीं लगा। मात्र 10 से 15 मिनट में पुलिस यातायात सुचारु कराने में कामयाब हो गई। एसओ मुरादनगर सुबोध सक्सेना का कहना है कि जाम न लगे, इसके लिए पहले से भी व्यवस्था बना रखी थी और इसी कारण लोगों को जाम से नहीं जूझना पड़ा।
एंट्री को लेकर पुलिस और स्टूडेंट्स में नोकझोंक
इंस्टीट्यूट में एंट्री को लेकर स्टूडेंट्स और गेट पर तैनात पुलिस कर्मियों के बीच कई बार नोकझोंक हुई। दरअसल, एंट्री के लिए आईकार्ड अनिवार्य था। दो-तीन छात्रों ने जबरन घुसने की कोशिश की। बृहस्पतिवार को कॉलेज में परीक्षा के चलते भी पुलिस को परेशानी हुई।
10 बजे एग्जाम खत्म कर स्टूडेंट्स कॉलेज से बाहर निकलने के लिए गेट पर आ गए। पुलिस की योजना थी कि गवर्नर के कार्यक्रम में पहुंचने के बाद स्टूडेंट्स को निकाल दिया जाएगा। मगर इसी बीच गार्ड ने गेट खोल दिया और हाईवे पर स्टूडेंट्स की भीड़ पहुंच गई।
उधर, राज्यपाल के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से चलने की सूचना मिल चुकी थी। आनन-फानन में पुलिस ने कॉलेज गेट बंद किया। वहीं 11 बजे एग्जाम देने के लिए कॉलेज में प्रवेश करने वाले स्टूडेंट्स पार्किंग में रोककर व्यवस्था बनाई गई।
हवा से गिर पड़ी मां सरस्वती की तस्वीर
एबीवीपी व एचआरआईटी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित टेक प्रो विजन कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को राज्यपाल राम नाईक के पहुंचने से पहले 15 मिनट पहले हवा से सरस्वती की तस्वीर गिर पड़ी। तस्वीर गिरते ही आयोजकों में हड़कंप मच गया।
आनन फानन में तस्वीर को दोबारा लगाया गया। कार्यक्रम के दौरान जहां वंदेमातरम नसरीना एवं सुल्ताना ने पेश किया। वहीं सरस्वती वंदना कश्मीरी छात्रा रिजवाना ने प्रस्तुत
किया।
व्यापारियों ने राज्यपाल को दिया ज्ञापन
मुरादनगर के एक इंस्टीट्यूट में भारत-पाक क्रिकेट मैच के दौरान देश विरोधी नारों का मामला बृहस्पतिवार को राज्यपाल तक पहुंच गया। व्यापारियों ने राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की।
व्यापारी नेताओं ने दावा किया कि राज्यपाल ने मामले में डीजीपी स्तर से जांच शुरू कराने की बात कही है। पहले व्यापारी राज्यपाल को काला झंडा दिखाने वाले थे, लेकिन प्रशासनिक अफसरों के आश्वासन पर उन्होंने इरादा बदल दिया।
बता दें कि 19 मार्च को मैच के दौरान मुरादनगर के एक इंस्टीट्यूट में दो कश्मीरी छात्राओं द्वारा देश विरोधी नारे लगाने का मामला सामने आया था। हालांकि जांच के बाद पुलिस ने दावा किया कि कॉलेज के छात्रावास की सीसीटीवी फुटेज में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया।
छात्राओं के बीच किसी निजी बात को लेकर विवाद हुआ था। उधर, जिला युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल गाजियाबाद ने 22 मार्च को कॉलेज गेट पर धरना दिया था और बृहस्पतिवार को इसी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है।
प्रतिनिधिमंडल के जिला अध्यक्ष धनेश सिंहल ने बताया कि राज्यपाल ने इस बाबत डीजीपी स्तर पर जांच कराने की बात कही है। ज्ञापन सौपने वालों में प्रदीप मित्तल, प्रशांत अग्रवाल, बाबूराम तोमर, संजीव मित्तल, मनोज गोयल, जितेंद्र चौधरी, संदीप सिंहल आदि मौजूद रहे।