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हर चुनाव में वादा फिर भी टीएचए में नहीं बना अस्पताल, कॉलेज

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हर चुनाव में वादा फिर भी टीएचए में नहीं बना अस्पताल, कॉलेज
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साहिबाबाद। टीएचए के लोगों से प्रत्याशी हर चुनाव में अस्पताल और कॉलेज बनवाने का वादा करते हैं। सपना दिखाकर वोट लेते हैं और फिर भूल जाते हैं। पिछले दो चुनाव से सरकारी अस्पताल, इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज बनवाने का वादा किया जा रहा है। लेकिन इस बार जनप्रतिनिधियों से नाराज टीएचए की जनता ने अपना समर्थन उसी प्रत्याशी को देगी जो लिखित में वादा निभाने की गारंटी देगा। लोगों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों में वसुंधरा में दो बडे़ निजी अस्पताल का निर्माण हो गया लेकिन सरकारी अस्पताल आश्वासन तक ही सिमटा रहा।
आचार संहिता लगते ही टीएचए के विभिन्न आरडब्ल्यूए ग्रुप में इन दिनों चुनावी माहौल बनने लगा है। लोग किसे वोट दें और किसे नकारे इसको लेकर अपनी तैयारी कर रहे हैं। हर किसी की अन्य बातें भले ही अलग हो लेकिन टीएचए में सरकारी अस्पताल और इंटर एवं डिग्री कॉलेज की मांग पर सब एकमत हैं। सबने तय किया है कि इस बार का वोट उसी प्रत्याशी को जाएगा जो अपने कार्यकाल में अस्पताल और कालेज बनवाने की बात और वादे पर आम लोगों को भरोसा जीत सके। पिछले कई वर्षों से टीएचए में उठ रहे सरकारी अस्पताल और कालेज की मांग को हर बार चुनाव में प्रत्याशी कोरा वादा कर भुना जाते हैं।
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इनसेट
आंदोलनों के बाद मकनपुर में जमीन के निरीक्षण तक सिमट गई बात
सरकारी अस्पताल और कॉलेज की मांग पर विभिन्न संगठन कई बार धरना, प्रदर्शन, भूख हड़ताल, कैंडल मार्च आदि निकालकर आंदोलन कर चुके हैं। हर बार आश्वासन के बाद आंदोलन पर विराम लग गया। वसुंधरा के सेक्टर सात और आठ में सरकारी अस्पताल की मांग को लेकर आंदोलन 2007 में शुरू हुआ था। वसुंधरा विकास समिति ने 2007 से 2016 के बीच कई बार टुकडे टुकडे में आंदोलन किया। 2018 से 2020 के बीच सफाई मुहिम सफाई एक्सप्रेस और ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए फेडरेशन ने बीच बीच में धरना प्रदर्शनों से आंदोलन किया। इसमें वसुंधरा विकास समिति भी सहभागी रही। नवंबर 2019 में यूनाइटेड फारम ऑफ ट्रांस हिंडन एसोसिएशन के आंदोलन ने जोर पकडा तो सांसद वीके सिंह ने एक कमेटी गठित कर दी। घोषणा कर दी गई कि वसुंधरा में अस्पताल के लिए जमीन चिन्हित कर दी गई है। भाजपा नेता, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और चिकित्सा विभाग व आवास विकास के अफसरों के एक दल ने 16 जुलाई 2020 को वसुंधरा में अस्पताल के लिए चार जगहों का स्थलीय निरीक्षण किया। जिसमें सेक्टर 6 में 7492.22 वर्गमीटर अस्पताल और सेक्टर 3 में 3432.75 वर्गमीटर डॉक्टर निवास के लिए तय कर लिया गया। आविप ने इसकी कीमत करीब 140 करोड मांगकर अपनी तरफ से पत्र चिकित्सा विभाग को भेज दिया। इसके बाद जल्द ही अस्पताल निर्माण का आश्वासन दिया जाता रहा। पर कुछ नहीं हुआ तो वसुंधरा ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए फेडरेशन ने 24 मई 2021 से आंदोलन शुरू किया, जिसके बाद फिर से 19 जून को विधायक सुनील शर्मा ने मकनपुर में नगर निगम की 5800 वर्गमीटर जमीन को चिन्हित कर इस पर अस्पताल बनाने की घोषणा कर दी। लेकिन यह मामला अब तक जमीन चिन्हित करने व निरीक्षण तक ही सीमित है। जबकि पिछले पांच वर्षों में वसुंधरा में दो बडे निजऌी अस्पताल का निर्माण हो गया। वहीं इंटर कालेज एवं डिग्री कॉलेज के बारे में विधायक का हर बार यही कहना रहा कि शासन में यह मामला लंबित है।
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क्या बोले लोग
देना होगा ठोस आश्वासन
हर बार उम्मीदवार वादे करके भूल जाते हैं, हमारी सोसायटी में पिछले दिनों ही एक पार्टी के उम्मीदवार पहुंचे थे लेकिन हम लोगों ने उन्हें भाव नहीं दिया। हमारा विधायक वही होगा जो हमें शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराएगा, इसके लिए उसे ठोस आश्वासन देना होगा। विवेकानंद पोखरियाल, महासचिव वसुंधरा सेक्टर-1
कई बार ठगे गए इस बार नहीं होगा ऐसा
हम लोगों को हर बार नेता ठग कर चले जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। कोई भी प्रत्याशी जो आम जनता के पास वोट मांगने आता है। वह यह सोच कर चले कि टीएचए के लोगों को सबसे पहले सरकारी अस्पताल और कॉलेज चाहिए। इन मुद्दों पर जिसके विचार पारदर्शी होंगे उसे ही हमारा वोट जाएगा। श्यामदत्त कौशिक
अस्पताल और कॉलेज की जो करेगा बात वही पाएगा साथ
अस्पताल और कॉलेज निर्माण के मुद्दे पर जो प्रत्याशी अपनी ठोस बातें रख सकेगा और हमें यकीन हो जाएगा कि वह इसका निर्माण करा सकता है। उसी प्रत्याशी को हमारा वोट जाएगा। इसके साथ ही उसका चुनावी घोषणा पत्र इस बार सोसायटी के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाएगा जो पूरे पांच वर्ष तक रहेगा। कैलाश चंद शर्मा
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प्रत्याशियों का तैयार करेंगे रिपोर्ट कार्ड
इस बार जो भी प्रत्याशी वोट मांगने आएगा उसके सोसायटी में आने से पूर्व उसका रिपोर्ट कार्ड आम जनता तैयार रखेगी। प्रत्याशी का राजनीतिक और सामाजिक रिकॉर्ड के आधार पर उसकी बातों पर यकीन किया जाएगा। टीएचए को सबसे अधिक जरूरत अस्पताल और कालेज की है, इस मुद्दे पर ही वोट मिलेगा। अमित किशोर
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