मेट्रो में 15 मिनट के सफर के
लिए आधे घंटे लाइन में लगे
साहिबाबाद। ओमिक्रॉन के डर के बीच बुधवार सुबह से मेट्रो 50 फीसदी यात्री क्षमता के साथ चलीं। पहले दिन ही लोगों को दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में परेशानी झेलनी पड़ी। मेट्रो में 10 से 15 मिनट के सफर के लिए भी लोगों को आधे घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। वैशाली, कौशांबी, मोहन नगर, शहीदनगर, अर्थला मेट्रो स्टेशन पर सुबह 6:30 बजे ही एक-एक किमी लंबी लाइनें नजर आईं। व्यवस्था के लिए सीआरपीएफ के जवान और सिविल पुलिस को कमान संभालनी पड़ी। कतार में खड़े रहने के दौरान यात्रियों की मेट्रो स्टाफ से कहासुनी भी हुई। मास्क और सैनिटाइजेशन के बाद यात्रियों को मेट्रो स्टेशन में प्रवेश मिला।
वैशाली मेट्रो स्टेशन पर सुबह करीब साढ़े छह बजे से यात्रियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। स्टेशन परिसर के मेन गेट पर ही स्टाफ ने यात्रियों को रोककर लाइन बनाने के लिए कहा गया। यात्रियों की मेट्रो स्टाफ से कहासुनी भी हुई। वैशाली निवासी राहुल ने बताया कि वह सुबह सात बजे से मेट्रो के इंतजार में खड़े हैं, अब 7:30 बज चुके हैं। उन्हें दिल्ली ड्यूटी पर जाना था। मगर स्टेशन में प्रवेश नहीं मिला। बुजुर्गों को भी काफी देर तक खड़े रहना पड़ा। वसुंधरा निवासी गिरीश व इंदिरापुरम निवासी सोनू का कहना था कि पहले दिन मेट्रो स्टाफ की अव्यवस्था से यात्रियों को परेशानी हुई। एक ही गेट खुले होने के चलते दोपहर तक कतार लंबी रही। शहर से करीब 40 हजार लोग रोजाना मेट्रो में सफर करते हैं। कुछ लोगों को पास के स्टेशनों आनंद विहार, कड़कड़डूमा जाना था फिर भी उन्हें आधे घंटे तक लाइन में लगना पड़ा।
मोहन नगर स्टेशन : आधा शटर खोलकर दिया प्रवेश
मोहन नगर, शहीद मेजर मोहित शर्मा और अर्थला स्टेशन पर आधा शटर और आधा गेट खोलकर यात्रियों को प्रवेश दिया गया। डीएमआरसी के प्रवक्ता ने बताया गया कि अगले आदेश तक मेट्रो 50 फीसदी यात्री क्षमता के साथ ही चलेंगी। वैशाली, कौशांबी, मोहन नगर, शहीद मेजर मोहित शर्मा मेट्रो स्टेशन (राजेंद्र नगर), राजबाग, हिंडन रिवर समेत अन्य स्टेशनों पर लगातार यात्रियों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाने और मास्क पहनने की अपील की गई।
बिना मास्क नहीं मिला प्रवेश
इंदिरापुरम निवासी शेषनाथ कहते हैं कि कोरोना को लेकर काफी सख्ती रही। स्टाफ ने बिना मास्क किसी को भी स्टेशन में प्रवेश नहीं दिया। मगर लंबी कतार लगने से मुझे करोलबाग जाने में एक घंटे की देर हो गई।
अब कैब से जाएंगे दिल्ली
श्याम जैन का कहना था कि काफी देर से मेट्रो में बैठने का इंतजार कर रहा हूं। मगर लाइन इतनी लंबी है कि अब ज्यादा देर तक खड़े रहने की हिम्मत नहीं है। सोच रहा हूं कि अब कैब से ही दिल्ली चांदनी चौक चला जाऊंगा।
सख्ती जरूरी, तभी हारेगी बीमारी
वसुंधरा निवासी बिजेंद्र ने बताया कि उन्हें कीर्तिनगर जाना है और वह 45 मिनट से स्टेशन की लाइन में खड़े हैं। डीएमआरसी ने अच्छी व्यवस्था की है मगर सैनिटाइजेशन और चेकिंग के लिए कर्मचारियों को बढ़ाना चाहिए था। जिससे लोगों को समय से मेट्रो में सफर कर अपने गंतव्य तक पहुंचाया जाता।
अब वर्क फ्रॉम होम की करेंगे तैयारी
वैशाली के यश का कहना था कि सरकार लगातार बीमारी से बचने की अपील कर रही है। इससे अच्छा है कि ऑफिस और कंपनी का काम घर से किया जाए। क्योंकि सड़क पर बाहर निकलने से वायरस बढ़ने का खतरा ज्यादा होगा। मेट्रो स्टेशन पर इतनी लंबी कतार में भी खड़े नहीं होना पड़ेगा।