अब चुनावजीवी घर-घर जाएंगे
जाति-धर्म, जिन्ना पर उलझाएंगे
कौशांबी। किसानों को आंदोलनजीवी और परजीवी कहने पर किसान नेता राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश चुनाव से ठीक पहले तंज कसा है। ट्विटर पर उन्होंने किसानों को सतर्क करते हुए लिखा कि अब चुनावजीवी घर-घर आएंगे, वह आपको जाति-धर्म और जिन्ना में उलझाएंगे, लेकिन हमें किसान-मजदूर ही बने रहना है और खेती-किसानी मुद्दों पर डटे रहना है। इस ट्विट पर लोग लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं, यूपी गेट पर राकेश टिकैत ने सहारनपुर मंडल के किसानों के साथ की बैठक की। किसानों से आह्वान किया कि महापंचायत के लिए आंदोलनस्थल पर वह जिम्मेदारी लेना शुरू कर दें। राकेश टिकैत ने सीईएल कंपनी में कर्मचारी यूनियन के सदस्यों को भी संबोधित किया।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर अब किसानों ने अपनी सीमा भी बना दी है। किसानों ने शनिवार को हरे पेंट से यूपी और सफेद रंग से फ्री जोन, जबकि लाल रंग से डीपी लिखकर दिल्ली की सीमा तय कर दी। किसानों से अपील की कि सभी 29 नवंबर को दिल्ली चलने की तैयारी कर लें। उस दिन 30 ट्रैक्टरों पर 500 किसान दिल्ली जाकर सरकार के सामने अपनी बात रखेंगे। इसके पहले 22 नवंबर को लखनऊ में पंचायत होगी। 26 नवंबर को किसान आंदोलन को एक वर्ष पूरे होने पर यूपी गेट आंदोलनस्थल पर महापंचायत की जाएगी।
कैराना में भी महापंचायत करने की तैयारी
भाकियू के पदाधिकारी ने बताया कि अब किसान कैराना में भी महापंचायत करने की तैयारी में है। अभी जगह निश्चित नहीं हुई। वरिष्ठ पदाधिकारी जल्द बैठक कर कैराना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी महापंचायत के लिए तारीख और जगह निश्चित कर लेंगे। फिलहाल अभी संयुक्त किसान मोर्चा और भाकियू का पूरा ध्यान 22 से 29 नवंबर तक होने वाले कार्यक्रम पर बना है।