गड्ढे में लेटकर किसानों ने मांगा मुआवजा
लोनी। मुआवजे की मांग को लेकर करीब पांच साल से आंदोलन कर रहे मंडोला समेत छह गांवों के किसानों ने विरोध प्रदर्शन का अनूठा तरीका अपनाया। बुधवार को 17 किसान समाधि लेने के लिए गड्ढे में उतरे। किसानों ने आवास विकास कार्यालय के सामने ही गड्ढे खोदे थे। किसानों से वार्ता करने पहुंचे अधिकारियों ने 6 किसानों को नोटिस दिए हैं। अधिकारियों के गाजियाबाद चलकर डीएम से वार्ता करने के आश्वासन को भी किसानों ने ठुकरा दिया।
किसान नेता नीरज त्यागी ने बताया कि किसानों ने 10 दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एसडीएम लोनी शुभांगी शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर किसानों की मांग पूरी करने की चेतावनी दी थी। किसानों ने कहा था कि 14 सितंबर तक मांग पूरी न होने पर वे जीवित समाधि लेंगे। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से समाधि नहीं लेने को लेकर बैठक की थी। लेकिन किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों का प्रस्ताव ठुकरा दिया। बुधवार सुबह आवास विकास कार्यालय के सामने किसानों ने 17 गड्ढे समाधि लेने के लिए खोदे थे। किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में 17 किसानों ने गड्ढे में उतरकर समाधि ली। नीरज त्यागी का कहना है कि करीब 5 साल में कई बार वार्ता हुई है, लेकिन किसानों का समाधान नहीं हुआ। किसान मांग पूरी नहीं होने तक गड्ढे में रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी आकर उनके ऊपर मिट्टी डाली। समाधि लेने के लिए गड्ढे में उतरे किसानों से मिलने बुधवार को दोपहर लोनी एसडीएम शुभांगी शुक्ला, सीओ अतुल कुमार सोनकर, एसएचओ संदीप सिंह पहुंचे। उन्होंने किसानों से समाधि से उठने को कहा। अधिकारियों ने किसानों को गाजियाबाद ले जाकर डीएम से वार्ता कराने का प्रस्ताव रखा। लेकिन किसान तैयार नहीं हुए। किसानों का कहना है कि अब जिस किसी अधिकारियों को आना है, वह किसानों के पास आए और वार्ता करें। वहीं किसानों की सुरक्षा के लिए धरनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
आम आदमी पार्टी ने दिया समर्थन
किसानों द्वारा समाधि लेने की सूचना पर आम आदमी पार्टी से डॉ. सचिन शर्मा अपनी टीम के साथ किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि मंडोला का किसान आंदोलन और यूपी गेट पर बैठा किसानों का आंदोलन चल रहा है। किसानों के साथ आम आदमी पार्टी हमेशा खड़ी है।
ये किसान गड्ढे में उतरे
प्रवेश त्यागी, मोनू त्यागी, बॉबी त्यागी, रामनरेश, बृजेश कुमार, नीरज त्यागी, अमित त्यागी, मास्टर महेंद्र, मंगूराम, सहाबुद्दीन, आरडी त्यागी, ब्रह्म सिंह, इलियास, कृष्ण निवासी मंडोला, योगेश, लक्ष्मण सिंह निवासी पंचलोक और मनवीर तेवतिया। आमरण अनशन पर पांच किसान रहे।