लॉकडाउन में हुए बेरोजगार, फिर नौकरी और लोन के नाम पर हुई ठगी
गाजियाबाद। लॉकडाउन में बेरोजगार हुए लोगों से नौकरी और लोन के नाम पर ठगी के मामले बढ़ गए हैं। 2020 के मुकाबले 2021 में दो गुना तक केस सामने आए हैं। जांच में पाया गया कि सोशल मीडिया पर रोजगार के विज्ञापनों के जरिये लोग ठगी के शिकार हुए हैं।
कोरोना संक्रमण के चलते 2020 और 2021 में विभिन्न चरणों में लॉकडाउन लगा। जिसमें कई लोगों के कारोबार व नौकरी पर प्रभाव पड़ा, जबकि कई लोग बेरोजगार हो गए। ऐसे में लोग इंटरनेट पर रोजगार की तलाश करने लगे। जहां 2019 व 2020 के मुकाबले 2021 में नौकरी और लोन दिलाने के नाम पर ठगी के तेजी से मामले बढ़ गए हैं। ठग फर्जी वेबसाइट बनाकर उस पर आवेदन करने को कहकर पंजीकरण शुल्क समेत अन्य फीस के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं, लेकिन नौकरी या काम नहीं दे रहे। पीड़ित मामलों की शिकायत लेकर साइबर सेल पहुंच रहे हैं।
नंदग्राम के रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने काम की तलाश में सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन देखा। जिसमें घर से ही ऑर्डर पैकिंग का काम था। इसके लिए उन्होंने साइट पर आवेदन किया। आवेदन के बाद उस कंपनी से फोन आया। जिसने आवेदन, एग्रीमेंट समेत विभिन्न शुल्कों के नाम पर 5 हजार रुपये की ठगी कर ली। उसके बाद कोई काम नहीं दिया। पीड़ित इसकी शिकायत लेकर साइबर सेल पहुंचा।
पटेलनगर के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपना मकान किराए पर देने के लिए सोशल मीडिया पर डाला। उसके माध्यम से ठग ने सेना का अफसर बनकर मकान किराए पर लेने की बात कहीं। जिससे मकान का किराया एडवांस लेने की बात कहीं तो उसने अपने अकाउंटेट से बात कराकर रुपये भेजने की बात कहीं। जिसने फोन पे पर एक रुपया भेजकर सत्यापन किया। उसके बाद उसने लिंक रिक्वेस्ट भेज दी, जिससे 15 हजार रुपये खाते से कट गए।
आंकडे़
कुल मामले
2021 2020 2019
नौकरी 159 57 45
लोन 239 62 31
फर्जी वेबसाइट से दूर रहें
सोशल मीडिया पर ठग फर्जी वेबसाइट तैयार कर उसका लिंक सोशल मीडिया पर डाल देते हैं। लोग नौकरी और काम की तलाश में उस पर संपर्क कर ठगी के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में वेबसाइट की सही तरह से परख कर आवेदन करें। किसी को पंजीकरण के नाम पर रुपये देने से बचे हैं। ऐसे मामलों में वेबसाइट और मोबाइल नंबरों की सूची तैयार की जा रही है।
- अभय कुमार मिश्र, सीओ साइबर सेल