रोपवे में एसी नहीं, सामान्य कोच में यात्री करेंगे सफर
गाजियाबाद। वैशाली से मोहननगर रोपवे प्रोजेक्ट में यात्रियों को एयर कंडीशन कोच की सुविधा नहीं मिलेगी। यात्री रोपवे प्रोजेक्ट में सामान्य कोच में सफर करेंगे। एसी कोच लगाने से प्रोजेक्ट की लागत और रखरखाव खर्च में इजाफे को देखते हुए जीडीए ने सामान्य 10 सीटर वाले कोच को रखने को निर्णय लिया है। 5.17 किमी लंबे पहले रोपवे प्रोजेक्ट में कुल चार स्टेशन हैं। प्रोजेक्ट में वैशाली, वसुंधरा, साहिबाबाद और मोहननगर तक आने जाने में सात से लेकर 10 मिनट लगते हैं। ऐसे में जीडीए अधिकारियों ने सामान्य कोच को प्रोजेक्ट के लिए मुफीद बताया है।
एसी कोच से 50 करोड़ तक बढ़ जाती लागत
रोपवे प्रोजेक्ट की फाइनल डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के बाद लागत 450 करोड़ है। अधिकारियों की मानें तो एसी को प्रोजेक्ट में शामिल करने से हैवी लाइन, उसके रखरखाव का खर्च और रखने की अलग व्यवस्था करने पर लागत में 40 से 50 करोड़ का इजाफा हो जाता। कम दूसरी और कम समय को देखते हुए भी एसी कोच को प्रोजेक्ट के लिए ठीक नहीं पाया गया। जबकि सामान्य कोच में कम कीमत और रखरखाव खर्च के चलते बिल्कुल सही पाया गया।
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केंद्रीय अंशदान का इसी सप्ताह जाएगा प्रस्ताव:
रोपवे प्रोजेक्ट के फंडिंग पैटर्न मुहर लग चुकी है। प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार का 20 फीसदी अंशदान होगा। पीपीपी पैटर्न पर बाकी 60 फीसदी निवेश निजी एजेंसी और 20 फीसदी अंशदान जीडीए व अन्य का होगा। ऐसे में केंद्रीय अंशदान के लिए जीडीए अधिकारियों ने प्रस्ताव पर काम शुरू कर दिया है। अंशदान का प्रस्ताव इसी सप्ताह बनाकर शहरी आवास मंत्रालय को भेज दिया जाएगा। फंडिंग पैटर्न में प्रोजेक्ट को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है। जीडीए मुख्य अभियंता एसके सिन्हा का कहना है कि केंद्रीय अंशदान के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसी सप्ताह प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
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