शहर के लिए बना वाटर बैलेंस प्लान, 67 वार्डों में जरूरत से कम पानी की आपूर्ति
गाजियाबाद। नगर निगम के कई वार्ड में पानी आपूर्ति को लेकर हमेशा पार्षदों को शिकायत रहती है। पानी की किल्लत बताकर नलकूप लगाए जाने के प्रस्ताव हर साल दिए जाते हैं, लेकिन सर्वे हुआ तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। शहर के 100 वार्ड में से 37 वार्ड ऐसे हैं, जिनमें पानी की आपूर्ति मानकों से ज्यादा है। इन वार्ड में कुल 127 एमएलडी पानी की अधिकता है, जबकि 63 वार्डों में पानी की कमी है। नगर निगम ने अब इस असंतुलन को खत्म करने के लिए ‘वाटर बैलेंस’ प्लान बनाया है। इसे जल्द ही लागू किया जाएगा।
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने शहर के सभी 100 वार्ड में आबादी के लिहाज से पानी के संसाधनों, आपूर्ति और मांग के लिए जलकल विभाग से सर्वे कराया है। जलकल विभाग की ओर से सर्वे कर नगरायुक्त को रिपोर्ट भेजी गई तो पता चला कि शहर के 37 वार्डों में पानी के नए नलकूप लगाने की जरूरत ही नहीं है। इन वार्डों में पानी की किल्लत की शिकायत और नए नलकूप लगाए जाने की मांग अभी भी लगातार आ रही है। सबसे ज्यादा संसाधन मोहननगर जोन के वार्ड-45 में हैं। यहां रोजाना करीब 13.20 एमएलडी (1.31 करोड़ लीटर) पानी की ज्यादा उपलब्धता है। इसके बाद दूसरे नंबर पर सिटी जोन के वार्ड-93 का कैला भट्ठा क्षेत्र ऐसा है जहां पानी के संसाधन सबसे ज्यादा है। यहां रोजाना करीब एक करोड़ लीटर पानी ज्यादा उपलब्ध है। इनके अलावा 37 वार्ड में से वार्ड- 51, 52, 33 और 39 ऐसे हैं जिनमें पानी की अधिकता सबसे ज्यादा है।
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ऐसे होगा वाटर बैलेंस
नगर निगम पानी की अधिक उपलब्धता वाले वार्डों में अब नए नलकूप नहीं लगाए जाएंगे। भविष्य में आबादी बढ़ी और अतिरक्त पानी की जरूरत पड़ी तो इन नलकूपों की संचालन अवधि बढ़ाई जाएगी। नलकूपों को प्रतिदिन 8 घंटे चलाया जाना अनिवार्य है, लेकिन अधिकांश वार्डों में पांच से छह घंटे नलकूप चलाए जा रहे हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि संभव हुआ तो पानी की अधिकता वाले वार्डों के संसाधनों का प्रयोग आसपास के वार्डों में पानी की आपूर्ति के लिए भी किया जाएगा। जिन वार्डों में पानी की किल्लत ज्यादा है और संसाधन कम हैं, वहां बड़े नलकूप लगाए जाएंगे। 10 एचपी या इससे छोटे नलकूपों की संख्या ज्यादा नहीं बढ़ाई जाएगी।
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यह है पानी की आपूर्ति के मानक
मानकों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में (जिन शहरों में सीवर लाइन है) प्रतिदिन हर व्यक्ति के लिए 135 लीटर पानी की आपूर्ति की जानी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति 115 लीटर पानी की आपूर्ति की जानी चाहिए। इन्हीं मानकों के आधार पर नगर निगम ने पानी की मांग और सप्लाई का आकलन किया है।
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सूर्यनगर, ब्रजविहार क्षेत्र को मिलेगा गंगाजल
नगर निगम सूर्यनगर, ब्रिज विहार समेत इस क्षेत्र की पांच बड़ी कॉलोनियों को गंगाजल की आपूर्ति देगा। निगम अधिकारियों के मुताबिक जीडीए अपनी कॉलोनियों को गंगाजल की आपूर्ति करता है, लेकिन उसकी कॉलोनी में आपूर्ति के बावजूद करीब 10 से 12 एमएलडी पानी अतिरिक्त है। इस पानी का जीडीए इस्तेमाल ही नहीं कर पा रहा है। जीडीए के अधिकारियों से वार्ता कर एक अनुबंध किया जाएगा और इस अतिरिक्त गंगा वाटर को नगर निगम अपनी कॉलोनियों के लिए खरीदेगा। इस गंगाजल को डेल्टा कॉलोनी में सप्लाई किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने अपनी पुरानी पाइप लाइन की सफाई कराकर तैयारी कर ली है।
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पानी की अधिकता वाले टॉप-10 वार्ड
वार्ड संख्या पानी की अधिकता
12 5.20
14 5.53
33 6.65
39 5.94
45 13.20
52 5.86
55 5.54
59 9.69
91 8.32
93 10.29
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पानी की कमी वाले टॉप-10 वार्ड
वार्ड संख्या पानी की कमी
27 8.92
50 9.71
54 5.26
74 5.42
76 8.28
77 8.87
81 6.21
89 8.83
99 6.80
100 9.61
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बयान
शहर के लिए वाटर बैलेंस प्लान बनाया गया है। 100 वार्डों में से पानी की अधिकता और कमी वाले वार्डों को चयनित कर लिया गया है। अब संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करके सभी वार्डों में आबादी और मांग के अनुसार पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। - महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त