डेंगू ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस का मिला मरीज
जिले में पहला और एनसीआर में दूसरा मामला
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कोरोना मरीजों में ब्लैक फंगस की बीमारी के बाद पहली बार जिले में डेंगू के मरीज में म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) की पुष्टि हुई है। 46 वर्षीय किसान ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है। बृहस्पतिवार की शाम मरीज का आरडीसी स्थित हर्ष ईएनटी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। मरीज कोविड संक्रमित नहीं हुआ था। मधुमेह का रोगी है। ब्लैक फंगस के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील त्यागी का कहना है कि अभी मामले की जानकारी नहीं है।
मरीज का ऑपरेशन करने वाले डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि मरीज को 20 दिन पहले डेंगू बुखार हुआ था। इलाज के दौरान प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गई थी। इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर आ गया था। पांच दिन पहले मरीज की नाक बंद होने से सांस लेने में परेशानी होने लगी। आंख में सूजन आने के बाद सिर दर्द बढ़ गया। हर समय उल्टी जैसा लग रहा था। डॉ. त्यागी ने बताया कि यह जिले में पहला मामला है, जबकि एनसीआर में दूसरा मामला है। डॉ. त्यागी ने बताया कि दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भी पांच दिन पहले एक मरीज की पुष्टि हो चुकी है। उस मरीज की एक आंख की रोशनी चली गई थी।
अभी तक पोस्ट कोविड डायबिटीज मरीजों में ही मिला था फंगस
डॉ. त्यागी ने बताया कि अब तक कोविड से ठीक हुए मरीज़ों में ही ब्लैक फंगस के मामले देखे जा रहे थे, लेकिन यह दूसरा मामला है जो डेंगू से ठीक होने के 20 दिन बाद सामने आया है। उन्होंने बताया कि डेंगू के बाद म्यूकर माइकोसिस होना एक नई बात है। हाल में डेंगू से ठीक होने वाले डायबिटीज के मरीजों स्वास्थ्य के बारे में सक्रिय रूप रहना चाहिए। साथ ही, कोई भी नया लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हो सकता है खतरनाक
इस साल की शुरुआत में कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान डायबिटीज के पुराने मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण का पता चलने के बाद ब्लैक फंगस के मामले बड़ी संख्या में सामने आए थे। ब्लैक फंगस उन लोगों में अधिक आम है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मधुमेह, गुर्दे की बीमारी, लिवर या हृदय संबंधी बीमारी और उम्र से संबंधित बीमारियों की वजह से या गठिया जैसे रोगों की दवा लेने की वजह से कम हो गई है। डॉक्टर का कहना है कि ब्लैक फंगस नाक, साइनस, आंख और मस्तिष्क के स्वस्थ टिश्यू में इतनी तेजी से आक्रमण करता है कि इलाज में जरा सी भी देरी से गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। इस साल जिले में फंगस के 94 मरीज मिले थे, जिनमें से तीन की मौत हुई थी। यह सभी मरीज पोस्ट कोविड थे।